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खुदकुशी मामले में 21 पर प्रकरण
हरियाणा में कुरुक्षेत्र जिले के पेहोवा में एक व्यापारी परिवार के नौ सदस्यों की सामूहिक आत्महत्या के मामले में पुलिस ने 21 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को यहाँ बताया कि व्यापारी मामचंद परिवार के आत्महत्या मामले को लेकर इन लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 306 और 120 बी के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस परिवार की ओर से आत्महत्या के पूर्व लिखे गए एक सुसाइडल नोट में आत्महत्या को लेकर 21 लोगों के नाम का उल्लेख है।

इस परिवार के सात सदस्यों के शव को सतलुज यमुना लिंक नहर में एक कार से बरामद किया गया था। इस नहर के अलावा भाखड़ा नहर से हाल के दिनों में 11 शव बरामद किए गए हैं, जिसके कारण आम लोगों में भारी रोष है।

नहर से शवों को निकाले जाने और उसकी पहचान मामचंद के परिवार के सदस्यों के रूप में किए जाने के बाद से उत्तेजित ग्रामीणों ने दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की माँग की है।

दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की माँग को लेकर दवाब बनाने के लिए आज पूरा पेहोवा बाजार बंद रहा। सरस्वती तीर्थ रोड, अनाज मंडी, गुरुद्वारा रोड, हिसार रोड और अंबाला रोड के बाजार सुनसान रहे। पुलिस के अनुसार बंद के दौरान कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।

इस बीच रोहतक से प्राप्त एक रिपोर्ट के अनुसार मामचंद के भाई छोटे लाल ने इस मामले की केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) से जाँच कराने की माँग की है।

उन्होंने कहा है कि यह आत्महत्या का साधारण मामला नहीं है बल्कि सुनियोजित षड़यंत्र के तहत पूरे वंश को खत्म किया गया है। मृतकों की पहचान मामचंद, उनकी पत्नी निर्मला, पुत्र प्रदीप और अमीत, पुत्रवधु बबली और सीमा तथा उनके बच्चे नैनसी, गनेशा और निशिका के रूप में की गई है।

छोटेलाल ने बताया कि उसका भाई एक परिपक्व और शांत इंसान था तथा वह परिवार से बहुत प्यार करता था। उन्होंने कहा कि यह संभव ही नहीं है कि वह पूरे परिवार के साथ आत्महत्या का कदम उठाए। उन्होंने यह भी कहा कि कार के नहर की पटरी पर चढ़ने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि अपराधियों ने योजनाबद्ध ढंग से कार को नहर में गिराया।

छोटेलाल ने आशंका व्यक्त की कि पेहोवा के एक आढती ने उनके भाई से एक करोड़ रुपए से अधिक लिया हुआ था जिसकी इस जधन्य घटना को अंजाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। उन्होंने कहा कि इसलिए वह मामले की सीबीआई जाँच की माँग कर रहे हैं।

इस बीच इंडियन नेशनल लोकदल, इनेलो के वरिष्ठ नेता और सांसद अजय चौटाला ने भी इस मामले की सीबीआई से जाँच कराए जाने की माँग करते हुए कहा है कि पुलिस ने अब तक इस घटना पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है, जबकि यह परिवार 16 मार्च से लापता था। उन्होंने कहा कि यह प्रशासन की अक्षमता को दर्शाता है।

रोहतक से प्राप्त एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार तीन चिकित्सकों के एक दल ने डॉ. एसके धत्तरवाल के नेतृत्व में पीजीआई में नौ शवों का पोस्टमार्टम किया ये शव करनाल और कुरूक्षेत्र से लाए गए थे।

डॉ. धत्तरवाल ने बताया कि हत्या के वास्तविक कारणों का पता दो से तीन सप्ताह के दौरान चल सकेगा। इस दौरान विसरा तथा अन्य जाँच की जाएगी। उन्होंने बताया कि डाइटम जाँच और रासायनिक विश्लेषण करनाल की प्रयोगशाला में किया जाएगा, जबकि डीएनए जाँच हैदराबाद में की जाएगी।
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