बॉलीवुड अभिनेत्री रानी मुखर्जी अहमदनगर जिला कलेक्टर के उस आदेश को बुधवार को बंबई उच्च न्यायालय की औरंगाबाद पीठ में चुनौती देंगी, जिसमें सौदे में अनियमितता के कारण शिरडी के पास एक प्लाट पर उसके स्वामित्व को रद्द कर दिया गया था। उनके वकील नानासाहेब चौधरी ने शिरडी से बताया कि हम सरकार द्वारा रानी के भूमि पर अधिकार को रद्द किए जाने के खिलाफ अदालत की शरण लेने जा रहे हैं।
चौधरी ने बताया कि रानी सीलिंग वाली जमीन की शर्त का उल्लंघन करने के कारण जुर्माना भरने में नाकाम रही लिहाज सरकार ने इस वर्ष के शुरू में जमीन जब्त कर ली। श्रीरामपुर के उप खंडीय अधिकारी ने जनवरी में बिक्री दस्तावेज से रानी के नाम को रद्द करने का आदेश दिया और जमीन का कब्जा ले लिया। बताया जाता है कि अभिनेत्री ने शिरडी के समीप कृषि भूमि खरीदने के लिए दिसंबर 2005 में 33 लाख रुपए का भुगतान किया था। रानी ने पंजीकरण के लिए 1.32 लाख रुपए की स्टाम्प ड्यूटी का भुगतान किया था, लेकिन इस भूमि का पट्टा रानी के नाम स्थानांतरित नहीं हो पाया क्योंकि यह कृषि योग्य भूमि है।
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