कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने सोमवार को कहा कि उत्तरप्रदेश के कांग्रेस कार्यकर्ता राज्य की गैर कांग्रेसी सरकारों से केंद्र की योजनाओं के बारे में हिसाब माँगे और आंदोलन करे तथा अगर इस आंदोलन के दौरान उन्हें जेल जाना पड़े तो जेल जाएँ। जरूरत पड़ने पर कांग्रेस सांसद राहुल गाँधी भी उनके साथ जेल जाएँगे।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कानपुर के नानाराव पार्क में कांग्रेस के प्रांतीय अधिवेशन के समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में कांग्रेस संगठन की कमजोरी का कारण नेताओं और कार्यकर्ताओं का केवल अपने बारे में सोचना है।
उन्होंने कहा कि इस कारण उत्तरप्रदेश कांग्रेस की नाव कमजोर हो गई है। अगर हमें उत्तरप्रदेश की सत्ता में वापसी करनी है तो अपनी नाव मजबूत बनाकर चुनावी वैतरणी पार करनी होगी।
सोनिया ने कहा कि केंद्र ने प्रदेश सरकार को केंद्रीय योजनाओं में करोड़ों रुपया दिया है, लेकिन राज्य सरकार ने इन केंद्रीय योजनाओं को आम जनता तक सही ढंग से नहीं पहुँचाया। इस कारण तमाम प्रयासों के बावजूद उत्तरप्रदेश की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हो पाया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को चाहिए कि वे पिछली गैर कांग्रेसी सरकारों से केंद्र की ओर से दिए गए धन का हिसाब माँगें और इसके लिए आंदोलन करें तथा जेल जाने को तैयार रहें।
सोनिया गांधी ने कहा कि पार्टी हमेशा से सांप्रदायिकता और जातिवाद के खिलाफ राजनीति करती रही है, लेकिन कुछ सत्तालोलुप दलों ने सांप्रदायिकता एवं जातिवाद की राजनीति करके प्रदेश का माहौल बिगाड़ा और सत्ता हासिल की।
कांग्रेस अध्यक्ष ने माना कि कांग्रेस संगठन उत्तरप्रदेश में मजबूत नहीं है। उन्होंने कहा कि संगठन में कमजोरी हमारी अपनी वजह से आई है क्योंकि हम संगठन से ज्यादा अपनी और अपने पद की चिंता करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि हम भूल गए हैं कि अगर पार्टी है तो हम सब हैं। हम पार्टी की नाव पर सवार हैं। अगर नाव बचेगी तो ही हम बचेंगे।
उन्होंने कहा कि हमें पार्टी को मजबूत करना होगा और कार्यकर्ताओं की ऐसी फौज बनानी होगी, जो गाँव-गाँव जाकर कांग्रेस की नीतियों और केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं के बारे में आम जनता को जानकारी दें।
सोनिया ने कहा कि उत्तरप्रदेश में कांग्रेस का इतिहास शानदार रहा है। इस प्रदेश ने जवाहरलाल नेहरू, लालबहादुर शास्त्री, इंदिरा गाँधी और राजीव गाँधी जैसे नेता दिए हैं, लेकिन इस शानदार इतिहास के बावजूद हमारी स्थिति यहाँ कमजोर हुई है। हमें सांप्रदायिक और जातिवादी ताकतों का मुकाबला करके प्रदेश में अपनी पकड़ फिर से मजबूत बनानी है।
उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रही रोजगर गारंटी योजना और अल्पसंख्यकों से संबद्ध योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
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