उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती के विरुद्ध जातिसूचक एवं आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करने के मामले में सोमवार तड़के मुज्जफरनगर जिले के सिसौली गाँव में किसान नेता महेन्द्रसिंह टिकैत की गिरफ्तारी के लिए गई पुलिस और किसानों के बीच हुए संघर्ष में दर्जन भर पुलिसकर्मी घायल हो गए। राज्य सरकार ने पश्चिमी उत्तरप्रदेश के सभी जिलों को सतर्क करते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष टिकैत और पुलिस बल के बीच सोमवार को भोर से ही गाँव सिसौली जनपद मुजफ्फरनगर में संघर्ष जारी है। पुलिस ने मौके पर आँसू गैस व रबर की गोलियाँ चलाईं। वहीं पर टिकैत समर्थकों द्वारा पुलिस बल व रैपिड एक्सन फोर्स पर भारी पथराव किया गया और अवैध शस्त्रों से फायर किए गए, जिनमें एक दर्जन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। घायलों में मुजफ्फरनगर के एसपी एवं एएसपी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि 30 मार्च रविवार को ग्राम दारानगरगंज थाना कोतवाली जनपद बिजनौर में किसान स्वाभिमान रैली का आयोजन किया गया था। रैली के मंच से महेन्द्रसिंह टिकैत अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन द्वारा मुख्यमंत्री मायावती के संबंध में जातिसूचक, आपत्तिजनक व घृणित शब्दों का प्रयोग किया था। किसानों का संर्घष और न फैले इसके लिए पड़ोस के जिलों को अलर्ट कर दिया गया है।
राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था बृजलाल ने बताया कि टिकैत ने मुख्यमंत्री के संबंध में जिन शब्दों का प्रयोग किया, उसे सभ्य समाज में दोहराया नहीं जा सकता। उन्होंने बताया कि इस संबंध में थाना कोतवाली बिजनौर में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
बृजलाल ने बताया कि पुलिस बल द्वारा संयम का परिचय दिया गया और केवल अश्रु गैस व रबर बुलेट का प्रयोग किया गया। पुलिस द्वारा टिकैत की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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