मुख्य पृष्ठ > खबर-संसार > समाचार > प्रादेशिक
सुझाव/प्रतिक्रियामित्र को भेजियेयह पेज प्रिंट करें
 
सपा के प्रति कांग्रेस का रुख नरम
प्रांतीय अधिवेशन में बसपा और भाजपा पर प्रहार
कांग्रेस के प्रांतीय अधिवेशन में रविवार को पार्टी नेताओं ने बसपा और भाजपा पर जमकर प्रहार किए तथा समाजवादी पार्टी के प्रति थोड़ी नरमी दिखाई।

हालाँकि पार्टी द्वारा पेश किए गए राजनीतिक और आर्थिक प्रस्ताव में समाजवादी पार्टी को भी नही बख्शा गया और उसके कार्यकाल की जमकर आलोचना की।

नानाराव पार्क में आयोजित कांग्रेस के दो दिवसीय अधिवेशन से पहले मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस प्रभारी दिग्विजयसिंह ने कहा कि देश में सांप्रदायिक शक्तियों को रोकने के लिए हमें किसी भी राजनीतिक दल से समझौता करना पड़े तो करेंगे, भले ही वह कोई भी पार्टी ही क्यों न हो। पार्टी की लाइन साफ है कि हमें जनता की लड़ाई लड़ना है और सांप्रदायिक शक्तियों को देश में पनपने से रोकना है।

अधिवेशन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी का रुख सपा के साथ-साथ बसपा के प्रति भी काफी तीखा था। उन्होंने सपा अध्यक्ष मुलायमसिंह यादव के उस बयान की आलोचना की, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस का प्रदेश में अस्तित्व ही नहीं है।

उन्होंने कहा कि ऐसा कहने वाले यह क्यों नहीं देखते कि उनकी पार्टी उप्र के अलावा और कहाँ है। यहाँ भी वे अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है, उसका क्षेत्रीय दलों से कोई मुकाबला नहीं है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने बसपा नेता मायावती को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि वे पार्टी महासचिव राहुल गाँधी की सक्रियता से डर गई हैं, क्योंकि प्रदेश के किसी भी कोने में किसी दलित या गरीब के साथ जुल्म या अन्याय होता है तो वे पहुँच जाते हैं।

उन्होंने भाजपा को सांप्रदायिक पार्टी बताते हुए कहा कि वह देश को जोड़ने का नहीं, बल्कि तोड़ने का काम कर रही है और अब मतदाता उसके बहकावे में नहीं आने वाले हैं।

अधिवेशन में प्रदेश प्रभारी दिग्विजयसिंह ने कहा कि पिछले 19 वर्षों में प्रदेश के गैर कांग्रेसी शासनकाल में रही सरकारों ने इसे देश का सबसे पिछड़ा प्रदेश बना दिया है तथा केन्द्र द्वारा उप्र की भरपूर सहायता किए जाने के बावजूद आज बुंदेलखंड सहित कई जिलों में किसान भुखमरी का शिकार हो रहे हैं।

सिंह ने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि अगर वे देश और प्रदेश में कांग्रेस की सरकार देखना चाहते हैं तो पहले पार्टी का आधारभूत ढाँचा तैयार करें तथा अधिक से अधिक लोगों को पार्टी का प्राथमिक सदस्य बनाएँ।

अधिवेशन में पेश किए गए राजनीतिक प्रस्ताव में बसपा, सपा तथा भाजपा किसी को भी नहीं बख्शा गया तथा सभी राजनीतिक दलों की जमकर आलोचना की गई।
और भी
गुटीय संघर्ष में 11 लोग घायल
ट्यूलिप उद्यान के नामकरण पर विवाद
'उत्तरप्रदेश में बुलंद हो कांग्रेस का झंडा'
बिहार सरकार की नायाब योजना
आदमी के काटने से साँप की मौत!
सड़क हादसे में 10 लोक कलाकार मरे