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कई राज्यों की पुलिस इंदौर पहुँची
पुलिस द्वारा माणिकबाग रोड स्थित श्याम नगर से गिरफ्त में लिए गए सिमी के 13 आतंकियों को धार में कोर्ट के समक्ष पेश करने और रिमांड पर लेने के बाद एक बार फिर पूरी पुलिस कार्रवाई इंदौर में केंद्रित हो गई है। सभी आतंकियों को इंदौर लाकर पूछताछ की जा रही है।

यहाँ पुलिस विभाग के एक भवन को पूछताछ केंद्र बनाया गया है। इस भवन को चारों ओर से सशस्त्र पुलिसकर्मियों ने घेर रखा है। बिना अनुमति के कोई भी व्यक्ति भवन परिसर तक भी नहीं पहुँच सकेगा। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कहा है कि वे मध्यप्रदेश के बड़े शहरों में दो बड़ी वारदातों को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक एरोड्रम रोड स्थित एपीटीसी (सशस्त्र पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय) के एक भवन को 'पूछताछ केंद्र' बनाया गया है। शुक्रवार की शाम को एपीटीसी भवन में पुलिस अधिकारियों की हलचल एकाएक बढ़ गई। एपीटीसी के मुख्य भवन के सामने की ओर बने नए भवन को चारों ओर से घेर लिया गया।

कुछ ही देर में वहाँ पुलिस की गाड़ियों का काफिला पहुँचा। एक बंद वाहन में सिमी के सभी 13 आतंकियों को लाया गया था। कड़ी सुरक्षा में उन्हें भवन के अंदर ले जाया गया। यह सब इतनी तेजी से हुआ कि किसी को कानोकान खबर भी नहीं लग पाई।

भवन के अगले तथा पिछले हिस्से की सड़कों व गलियों को पूरी तरह सील कर दिया गया। यहाँ तक कि पिछले हिस्से में अग्रसेन नगर की ओर जाने वाली सड़क को भी सील कर दिया गया। क्षेत्र के लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि अचानक क्या हो गया है। पूरे भवन को स्पेशल टास्क फोर्स तथा कमांडो ने अपने घेरे में ले लिया है।

वरिष्ठ अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि कोई भी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी बिना अपना परिचय पत्र दिखाए अंदर नहीं जा सकेगा। अंदर जाते तथा बाहर आते समय उसका नाम व समय नोट कर हस्ताक्षर कराए जाएँगे। वहाँ आने वाले सभी वाहनों के नंबर नोट किए जाएँगे।

आरोपियों को लाने के बाद कम्प्यूटर का सीपीयू लेकर अधिकारी भवन के अंदर गए। इसके बाद कुछ पुलिसकर्मी लकड़ी की अलमारी लेकर अंदर गए। भवन के मुख्य द्वार के दोनों ओर टेंट लगा दिए गए हैं, ताकि बाहर तैनात कर्मियों को धूप में खड़े न रहना पड़े।

साथ ही बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए जनरेटर लगाया गया है। पूरे भवन तथा आसपास के सील किए गए मार्गों पर वेपर लैम्प लगाए गए हैं। क्षेत्र की झोपड़ियों तथा आसपास के मकानों में रहने वाले लोगों से पूछताछ कर उनके नाम व अन्य जानकारियाँ नोट की गईं।

क्यों बनाया गया पूछताछ केंद्र : वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि थाने पर पूछताछ करना संभव नहीं था। सभी आरोपियों को कड़ी सुरक्षा में रखना जरूरी है। थाने पर यह भी संभव नहीं हो पाता। एपीटीसी के भवन में पर्याप्त सुविधाएँ हैं। विभिन्न राज्यों के पुलिस दल यहाँ पहुँच रहे हैं। उन्हें पूछताछ के लिए अलग-अलग कक्ष उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

सफदर पूर्व में भी इंदौर में रहा है : सफदर नागौरी पूर्व में भी इंदौर में आकर रहा है। उसने पुलिस को बताया कि वह नवंबर से फरवरी माह तक खजराना में आकर रुका था। उस समय भी उसने किराए का मकान लिया था। उसका कहना है कि वह अधिकांश समय कमरे में ही गुजारता था। जब भी उसे बाहर निकलना होता था, तब वह अलग-अलग वेश में जाता था। फरवरी में वह बंगाल चला गया था। उस दौरान उसकी गतिविधियाँ क्या थीं, इस बारे में पूछताछ की जा रही है।

कई पुलिस दल पहुँचे : डीआईजी मधुकुमार ने बताया कि अब तक मुंबई, दिल्ली, कर्नाटक, केरल के पुलिस दल इंदौर पहुँच चुके हैं। अन्य कई राज्यों के पुलिस दल भी पहुँच रहे हैं। पूरे देश की पुलिस को सूचित कर दिया गया है कि इन आतंकियों को पकड़ा गया है। इनके फोटो इंदौर पुलिस की वेबसाइट पर डाले गए हैं। देश में विभिन्न स्थानों पर आरोपियों ने कई बड़ी वारदातें की हैं।

मामले की गंभीरता का अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि सूचना मिलते ही विभिन्न राज्यों के पुलिस दल विमान से तुरंत इंदौर पहुँचे हैं। पूछताछ के लिए पहली प्राथमिकता बाहर से आने वाले पुलिस दलों को दी जा रही है, क्योंकि आतंकी पूरे देश में कई स्थानों पर वांछित हैं। डीआईजी ने बताया कि आतंकियों के स्थानीय संपर्कों के बारे में स्थानीय पुलिस द्वारा जानकारी लेकर कार्रवाई की जा रही है।
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