कुलीगिरी करने वाले रंगप्पा और उसकी पत्नी बुदम्मा के आश्चर्य का उस समय ठिकाना नहीं रहा, जब नेहरू-गाँधी परिवार के सदस्य राहुल गाँधी शुक्रवार को झोपड़पट्टी स्थित उनके घर में पधारे। हालाँकि वहाँ इस परिवार की दशा देखकर कांग्रेस का यह युवा नेता अपने आँसू नहीं रोक पाया।
अपने पिता और दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गाँधी की प्रतिमा का अनावरण करने जाते समय रास्ते में राहुल एक औद्योगिक क्षेत्र के पास रुके और सड़क के किनारे झोपड़पट्टी में घुस गए।
सड़क के किनारे की नाली को फाँदते हुए राहुल झोपड़ी में पहुँचे और जहाँ रंगप्पा, उसकी पत्नी और तीन बच्चे रहते हैं।
सभी तीन बच्चे राहुल के सामने खड़े हो गए और वे उस समय अपने आँसू नहीं रोक पाए, जब उन्होंने अमेठी के सांसद के समक्ष अपनी दुर्दशा बयान की। कांग्रेस महासचिव कर्नाटक में विधानसभा चुनावों से पूर्व राज्य के दौरे पर हैं। राहुल उस समय द्रवित हो गए, जब उन्होंने पाया कि बच्चे आँखों के संक्रमण से पीड़ित हैं।
निकट की मिल में मजदूरी करने वाली बुदम्मा ने कहा कि वे झुके और हमारे तंबू में आ गए तथा हमें बाहर बुलाया। मेरे पास उन्हें पेश करने के लिए कुछ नहीं था। मुझे शर्मिंदगी हुई कि हमारे पास ऐसी जगह उनका स्वागत करने के लिए कुछ नहीं है। रंगप्पा और उसका परिवार आंध्रप्रदेश का है तथा करीब चार साल से झोपड़पट्टी में रह रहा है।
बुधम्मा ने बताया कि राहुल ने हमसे पूछा कि क्या हम अपने बच्चों को स्कूल भेजना पसंद करेंगे, रंगप्पा ने कहा कि मैंने उनसे बच्चों को स्कूल भेजने का वादा किया। (भाषा)
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