उत्तरप्रदेश में गौतम बुद्धनगर जिले के बिसरख में एक दलित परिवार में पैदा हुई दो मुँह और चार आँखों वाली बच्ची गत 18 दिन से स्वस्थ है और सामान्य रूप से दूध पीने के साथ ही किलकारी मार रही है।
लंकापति रावण की जन्मस्थली कहे जाने वाले बिसरख के पास सुनपुरा गाँव में कुदरत के इस नायाब कारनामे को लोग देवी का अवतार मानकर उसे देखने आ रहे हैं। इस गाँव के विनोद की पत्नी सुषमा ने गत 11 मार्च को दादरी के सैफी अस्पताल में इस बच्ची को जन्म दिया था। इस बच्ची के जन्म लेते ही प्रसव कराने वाली महिला डॉक्टर और नर्स बच्ची के रूप को देखकर लेबर रूप से बाहर चली गई थी।
इस बच्ची ने पैदा होते ही रोने के बजाय चारों तरफ निगाह डाली। दो दिन अस्पताल में रहने के बाद जच्चा अपनी अद्भुत बच्ची को लेकर घर चली गई। इस बच्ची के बारे में देश-विदेश के समाचार-पत्रों में खबर छपने पर अमेरिका और रूस से भी कुछ लोग उसे देखने यहाँ आए। मजदूर विनोद के घर पर सैकड़ों लोग इस बच्ची को देखने आते हैं और इसे देवी का अवतार मानकर चढ़ावा भी चढ़ा रहे हैं।
इस बच्ची के परिजनों ने राजधानी के अपोलो अस्पताल में भी इसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया। बच्ची के पिता विनोद का कहना है कि डॉक्टरों ने बच्ची को पूर्ण स्वस्थ बताया है। इस बच्ची का आगामी 21 अप्रैल को नामकरण किया जाएगा।
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