मुगल-ए-आजम, नया दौर जैसी फिल्मों के रंगीन संस्करणों की सफलतापूर्वक प्रदर्शन के बाद अब सत्यजीत रे की कालजयी कृति 'पाथेर पाँचाली' को भी रंगीन किए जाने की प्रक्रिया चल रही है।
यह जानकारी मनोरंजन एवं मीडिया के कारोबार पर आयोजित वार्षिक सम्मेलन फिक्की फ्रेम्स के दूसरे दिन संक्रांति क्रिएशंस के मैनेजिंग पार्टनर राजीव द्विवेद्वी ने दी। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व चेतन आनंद निर्देशित कालजयी फिल्म 'हकीकत' को रंगीन करने की प्रक्रिया जारी है, जिसे इस वर्ष के अंत तक रिलीज किए जाने की उम्मीद है।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र रह चुके द्विवेद्वी ने बताया कि प्रौद्योगिकी के विकास के कारण श्वेत श्याम फिल्मों को रंगीन बनाने में आने वाली लागत कम हो रही है और 'हकीकत' को रंगीन बनाने पर करीब दो करोड़ रुपए का खर्च आएगा, जबकि 'मुगल-ए-आजम' पर करीब पाँच करोड़ रुपए का खर्च आया था।
उल्लेखनीय है कि 'मुगल-ए-आजम' का रंगीन संस्करण 2004 में दीपावली पर प्रदर्शित हुआ था और उसे काफी सफलता मिली थी। उसके बाद बीआर चौपड़ा की फिल्म 'नया दौर' का रंगीन संस्करण आया।
पिछले वर्ष वी. शांतराम के पुत्र किरण शांताराम ने 'दो आँखें बारह हाथ' को भी रंगीन करने की योजना की घोषणा की थी। इसके अलावा देव आनंद की 'हम दोनों' को भी रंगीन करने की प्रक्रिया जारी है।
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