गुजरात विजय के बाद भारतीय जनता पार्टी शासित राज्यों ने आने वाले चुनाव में भले ही जीत के 'गुजरात मॉडल' को अपनाने की सोची हो, लेकिन मुख्यमंत्री रमनसिंह का कहना है कि उस मॉडल की छत्तीसगढ़ में आवश्यकता नही है।
सिंह ने कहा कि राज्य में 'गुजरात मॉडल' से नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की परिस्थितियों के आधार पर चुनाव लड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री का कहना है कि गुजरात और छत्तीसगढ़ की परिस्थितियों में अंतर है, इसलिए एक फार्मूले के आधार पर चुनाव नही लड़ा जा सकता है।
सिंह के अनुसार गुजरात में विकास के कई काम हुए है और विकास के आधार पर ही वहाँ भारतीय जनता पार्टी को शानदार सफलता मिली है। अपनी सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यो की चर्चा करते हुए कहा कि राज्य में 34 लाख गरीब परिवारों को तीन रुपए प्रति किलो की दर से चावल देने की योजना चुनाव में निश्चित तौर पर महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी। सरकार इस योजना की सफलता के लिए कड़े कदम उठा रही है।
उन्होंने कहा कि चावल में हेराफेरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने के आदेश दिए गए है। योजना को लेकर लोगों में भी जागरूकता आ गई है। हाल यह है कि चावल में हेराफेरी करने वालों को अभी तक जमानत भी नही मिल पाई है।
राज्य में चुनाव को कुछ ही महीने ही शेष है और पार्टी चाहती है कि हम सकारात्मक मुद्दों को लेकर जनता के सामने जाएँ। उम्मीदवारों को टिकट देने के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल जीतने वाले उम्मीदवारों को ही टिकट दिया जाएगा। संगठन टिकट देने से पहले सर्वेक्षण कराना चाहता है, जिससे उम्मीदवारों को चुनाव में कोई परेशोनी नही हो।
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