मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के 13 बड़े आतंकवादियों को इंदौर व पीथमपुर (धार) में गुरुवार तड़के गिरफ्तार किया है। इनमें कुछ राज्य प्रमुख भी शामिल हैं। इन पर सिमी को हथियार व धन मुहैया करवाने का भी आरोप है।
बुधवार रात से शुरू हुआ विशेष पुलिस अभियान गुरुवार तड़के तक चला। गिरफ्तार लोगों में सिमी का सफदर नागौरी और उसका भाई आंध्रप्रदेश में अभियानों का प्रमुख कमरुद्दीन नागौरी शामिल है। कर्नाटक, केरल, उप्र और महाराष्ट्र में सक्रिय सिमी के आतंकी भी इस दौरान पकड़े गए हैं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि इंदौर और धार जिले में चलाए गए अभियान के दौरान सात पिस्तौल व अन्य हथियार, कम्प्यूटर और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए हैं। गुप्तचर एजेंसियाँ इस प्रतिबंधित संगठन पर कुछ माह से निगरानी रखे हुए थीं। इस दौरान सिमी के प्रमुख आतंकी इंदौर में कई बार एक फ्लैट पर एकत्रित हुए थे।
हरियाणा तथा हैदराबाद विस्फोट कांड में सफदर की तलाश थी : धार के एएसपी वीरेंद्रसिंह के अनुसार हरियाणा में समझौता एक्सप्रेस तथा हैदराबाद में हुए विस्फोट में सफदर को वहाँ की पुलिस ने आरोपी बनाया था।
दोनों राज्यों की पुलिस को सफदर की तलाश थी। हरियाणा पुलिस के दल ने इंदौर के कोठारी मार्केट के दो व्यापारियों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ भी की थी, क्योंकि समझौता एक्सप्रेस में जिन सूटकेसों में विस्फोटक सामग्री भरी थी, उन पर लगे कपड़े के कवर इंदौर के कोठारी मार्केट की दुकान पर सिले थे।
क्या सामग्री मिली : देश की रेल सेवा और विमान सेवा के मार्गों के नक्शे तथा सड़क मार्ग के नक्शे, लैपटॉप पर उर्दू तथा हिन्दी में सिमी के संबंध में सामग्री, प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी, करीब 70 सीडी, 7 विदेशी पिस्टल, 36 कारतूस, कई परचे उर्दू तथा हिन्दी में, उत्तरप्रदेश, मुंबई तथा अन्य स्थानों पर हुए बम विस्फोटों के बाद अखबारों में छपी खबरों की कतरनें, 9 मोबाइल फोन तथा करीब 60-70 सिमकार्ड।
कैसे पकड़े गए : आईजी अनिल कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार के गुप्तचर ब्यूरो से सूचना मिली थी कि पीथमपुर तथा इंदौर में ये लोग मौजूद हैं। आईबी की टीम इनके पीछे लगी थी।
कैसे रची व्यूहरचना : आईजी के अनुसार रंगपंचमी के दिन दोपहर करीब 12 से 12.30 बजे के बीच आईबी से सूचना मिलने के बाद तुरंत धार के पुलिस अधिकारियों की टीम बनाई गई। पीथमपुर में पहले कार्रवाई की गई, लेकिन वहाँ ज्यादा सफलता नहीं मिली। उसके बाद इसी टीम ने इंदौर आकर कार्रवाई की।
इंदौर में लिया मकान : आरोपी सफदर नागौरी ने इंदौर में माणिकबाग रोड स्थित पूरनदास की बगीची श्याम नगर में 1 मार्च को किराए से मकान लिया था। मकान लेने के लिए उसने अकरम नामक व्यक्ति की मदद ली थी। अकरम की गुलजार कॉलोनी पुलिस चौकी के समीप मटन की दुकान है। पुलिस ने मकान मालिक हाजी गफ्फार तथा हाजी अबरार को भी हिरासत में ले लिया है। सफदर ने मकान लेते समय कहा था कि वह यहाँ कोचिंग क्लास चलाएगा।
इंदौर में भी पकड़े जाएँगे : आईजी अनिल कुमार ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की प्रक्रिया बहुत लंबी है। इंदौर में उनके संपर्कों का पता लगाया जा रहा है। जानकारी मिलते ही उन्हें भी पकड़ा जाएगा। आरोपियों से काफी सारे दस्तावेज तथा इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज मिले हैं। इनकी जाँच में काफी समय लगेगा, लेकिन इंदौर के कुछ लोगों के इनसे सक्रिय रूप से जुड़े होने की जानकारी मिल रही है।
इनको पकड़ा : जो आतंकवादी पकड़े गए हैं, उनमें सफदर नागौरी ग्राम नागोरी कॉलोनी थाना जिला उज्जैन, हाफिज हुसैन मस्जिद रोड सेकंड ग्राम दौलत कोठी जिला बीजापुर कर्नाटक, आमील परवेज काजी निवासी छोटा बाजार उन्हेल, सादुली निवासी केरल, शिवली निवासी केरल, कमरुद्दीन निवासी उज्जैन, कामरान कहारवाड़ी जिला खंडवा, अंसार निवासी केरल, मूनरोज निवासी अशोक नगर बेलगाँव, समी पिता शदेशाह और खालिक एहमद निवासी सोलापुर व एहमद बेग निवासी कर्नाटक और मोहम्मद यासीन निवासी केरल शामिल हैं।
सफदर नागौरी : नागोरी सेवानिवृत्त सहायक पुलिस उपनिरीक्षक का पुत्र है। वह 27 सितंबर 2001 को सिमी पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद से फरार था। उस पर 1997-98 में सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने समेत अन्य गंभीर मामले चलाए गए थे। उसके खिलाफ कुल 33 मामले दर्ज हैं। उसका आईएसआई से संबंध बताया जाता है।
शिवली : पकड़े गए आतंकियों में शिवली दक्षिण भारत में इस प्रतिबंधित संगठन की गतिविधियों का कर्ताधर्ता है।
हाफिज हुसैन : हाफिज हुसैन वर्तमान में कर्नाटक का प्रमुख है। सिमी का नाम पिछले साल मुंबई में लोकल ट्रेनों में विस्फोट के साथ ही अजमेर में दरगाह शरीफ परिसर में हुए विस्फोट और अन्य आतंकी गतिविधियों को लेकर बार-बार उभरता रहा है।
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