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इंदौर में खूनी होली खेलने वाले पकड़ाए
तीनों आरोपी अहमदाबाद, देवास और इंदौर से गिरफ्तार
हमें गोली मार दो : आरोपी राजकुमार ने नाईट्रावेट की गोलियाँ खा ली थीं। मरीमाता रोड पर पहली चाकूबाजी करने के बाद वारदातें करते चले गए। हमने जो गुनाह किया है उसकी सजा यही है कि हमें चौराहे पर खड़ा कर गोली मार दो। राजकुमार ने बताया कि हमारा इरादा किसी को मारने का नहीं था, लेकिन नशे की हालत में पता नहीं चला। उसने बताया कि चाकूबाजी तीनों ने की थी।

आरोपियों तक पहुँचने में इनके गाड़ी नंबर ने काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भँवरकुआँ थाना प्रभारी ब्रजेश कुशवाह ने बताया कि विष्णुपुरी में महिला को चाकू मारने के बाद आरोपी आशाराम बापू चौराहे की ओर भागे थे। वहाँ इन्होंने एक अपंग व्यक्ति को लूटने का प्रयास किया था लेकिन सफल नही हो सके थे।

थाना प्रभारी कुशवाह ने बताया कि व्यक्ति ने इनका गाड़ी नंबर देखकर मुझे फोन कर दिया था। उक्त गाड़ी नंबर के बारे में पड़ताल की तो घर का पता मिल गया। यह गाड़ी भागीरथपुरा निवासी कन्हैयालाल कुशवाह के नाम पर थी। एएसपी मनोज सिंह और कुशवाह रात 4 बजे वहाँ पहुँचे। पूछताछ में पता चला कि गाड़ी उनका बेटा राजकुमार ले गया था। गाड़ी को देखकर अंदाजा लग गया था, वारदात इसी से हुई है। क्योंकि इंजन काफी गर्म था।

नशा उतरा तो जाना ये क्या हो गया : आरोपियों का जब नशा उतरा तो उन्हें पता चला कि वे कितने वीभत्स कांड को अंजाम दे चुके हैं। आरोपी कालू ने बताया कि धुलेंडी को दिन भर मस्ती से रंग खेलने के बाद हमने शराब पी ली थी, हमें अंदाजा नही था कि हम ऐसा कर जाएँगे।

घटना से सबक लेने की जरूरत : एसपी अंशुमान यादव ने घटना में पुलिस की लापरवाही होने से इंकार करते हुए कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में हुई घटना की जानकारी पुलिस को देर से मिली। चाकूबाजी के घायल सीधे अस्पताल पहुँचे और अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को सूचित किया। जब संयोगितागंज और छोटी ग्वालटोली में हत्या और चाकूबाजी की वारदातें हुईं तब सेट पर पाइंट गूँजे और पुलिस अधिकारी दौड़े। घटना से सबक लेकर शहर में सख्त पुलिसिंग लागू करने की जरूरत है।

नशे की गोलियों पर रोक : नशे की गोलियों के सेवन से ब़ढ़ते अपराधों की गूँज शासन स्तर तक भी पहुँची है। मंगलवार को जिला योजना समिति की बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा कर इन पर सख्ती से रोक लगाने की बात कही गई है। गृह, परिवहन और जिले के प्रभारी मंत्री हिम्मत कोठारी के समक्ष सदस्यों ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि नशे की गोलियाँ शहर में धड़ल्ले से मिल रही हैं। कोठारी ने कहा कि इस मामले में सभी को चिंता है। अवैध रूप से नशीले पदार्थों की बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाएगी।

शराब बेचना जरूरी है या व्यक्ति की जान बचाना : चाकूबाजी कांड ने फिर साबित कर दिया है कि नशे की बढ़ती लत के चलते ही अपराधों का ग्राफ बढ़ रहा है। हैरानी की बात है कि त्योहारों पर शराब की बिक्री पर प्रतिबंध नहीं लग रहा। धुलेंडी के दिन शाम 7 बजे तक शराब दुकानें बंद करने का आदेश था। 7 बजे दुकानें खुली और इन युवकों ने पी ली। शासन के लिए शराब की बिक्री ज्यादा जरूरी है या फिर आम आदमी की जान।

गत वर्ष चंदननगर में हुई एक के बाद एक तीन व्यक्तियों की हत्या हो या दो दिन पूर्व दो लोगों की हत्या और कई को चाकू मारने की वारदात, सभी में एक ही बात सामने आ रही है वह यह कि नशे की हालत में नई उम्र के युवकों ने इन जघन्य वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस भी परेशान है कि बार-बार अनुरोध के बाद भी आखिर क्यों त्योहारों पर पूरे दिन का ड्राय डे घोषित नहीं हो पाता।
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