सीमा पार से घुसपैठियों तथा अपराधियों की गतिविधियों एवं तस्करी आदि की रोकथाम के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने ऊँटों के साथ-साथ अब प्रशिक्षित कुत्तों की मदद से भारत-पाकिस्तान सीमा पर चौकसी शुरू कर दी हैं।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रथम चरण में राजस्थान के विभिन्न सीमा इलाकों में 38 प्रशिक्षित कुत्तों को सीमा चौकसी में लगाया गया हैं। ग्वालियर में टेकनपुर स्थित राष्ट्रीय कुत्ता प्रशिक्षण संस्थान में 34 कुत्तों को प्रशिक्षित किया जा रहा हैं।
प्रथम चरण में 72 कुत्ते सीमा पर चौकसी के लिए तैनात करने की स्वीकृति मिली है फिलहाल प्रत्येक बटालियन को दो- दो कुत्ते दिए गए हैं। कुत्ता रखने वाले हैण्डलर को भी खास प्रशिक्षण दिया गया है तथा कुत्तों के लिए विशेष भोजन की व्यवस्था की गई है।
पाकिस्तान से भारतीय सीमा में आकर फरार होने वाले घुसपैठियों को पकड़ने मे मदद के साथ प्रशिक्षित कुत्ते नारकोटिक्स व तस्करी के अन्य सामान की खोजबीन में भी सहायक बनेंगे।
सूत्रों के अनुसार इन प्रशिक्षित कुत्तों में सबसें खतरनाक जेबरपेन नस्ल के कुत्ते की सूँघने की क्षमता आम कुत्तों से करीब 40 गुना अधिक होती हैं। इसी तरह जर्मन शेफर्ड नस्ल का कुत्ता वफादार तथा काफी तेज होता है।
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