अंधविश्वास के मारे एक परिवार ने अपने एक साल के बच्चे की शादी एक कुतिया से कर दी, ताकि उसके जीवन में बीमारियाँ उसे छू भी न सकें।
यह घटना उड़ीसा के जनजातीय बहुल जगतसिंहपुर जिले की है, जहाँ मुंडा साही में विवाह का आयोजन किया गया। नगर में यह स्थान जिलाधिकारी आवास से सिर्फ 30 मीटर की दूरी पर है। जिलाधिकारी डॉ. पीके मेहरदा ने कहा कि यह घटना आदिवासी मान्यता का नतीजा हो सकती है।
बच्चे की पहचान सिपु के तौर पर की गई है, जो राधामोहन सिंह का पुत्र है, जबकि छह महीने की कुतिया का नाम मोती है।
शादी के वक्त कुतिया को पीली साड़ी पहनाई गई थी, जबकि दूल्हा उसके बगल में बैठा था। एक कबाइली पुजारी ने हर्षध्वनि कर रहे ग्रामीणों की मौजूदगी में संस्कार कराए।
लड़के के पिता ने कहा कि उन्होंने अपने पुत्र की शादी कुतिया से कराने का फैसला इस विश्वास पर किया कि इससे उसका जीवन बीमारियों से मुक्त रहेगा।
सिंह ने कहा यह आदिवासी समाज में नया नहीं है। हम ऐसा तब करते हैं, जब शिशु बालक का चौथा दाँत निकलता है। उन्होंने कहा कि वह अपने पुत्र और अपनी पुत्रवधू दोनों का ध्यान रखेंगे।
विवाह के बाद मेहमानों को भोजन के लिए आमंत्रित किया गया। दूल्हे की खुश दिख रही माँ गीतासिंह ने कहा कि अपनी बहू को बच्चे की तरह पालेंगी।
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