केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) ने पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक सरबदीपसिंह विर्क के निलंबन पर रोक लगा दी है और केंद्र महाराष्ट्र और पंजाब सरकार से इस मामले में दो हफ्तों में अपना जवाब देने को कहा है।
पंजाब सरकार ने कथित रूप से आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति रखने के मामले में विर्क को निलंबित कर दिया था। मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधिकरण के सदस्य जोगसिंह ने कहा कि आवेदनकर्ता को वापस मूल कैडर में भेज देने के बाद पंजाब राज्य का उन पर कोई प्रशासनिक नियंत्रण नहीं है और वह प्रत्यक्ष रूप से महाराष्ट्र राज्य के नियंत्रण में हैं।
पंजाब में कांग्रेस शासन के दौरान पुलिस महानिदेशक बने 1970 बैच के आईपीएस अधिकारी को गत वर्ष 10 मार्च को वापस मूल महाराष्ट्र कैडर में भेजे जाने के आदेश के बावजूद अकाली दल-भाजपा सरकार ने निलंबित कर दिया था। विर्क 1984 से गत वर्ष 10 मार्च तक पंजाब सरकार में प्रतिनियुक्ति पर थे। इस दौरान वह राज्य के पुलिस महानिदेशक बने।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को आय के ज्ञात सोत से अधिक संपत्ति रखने के मामले में गत वर्ष सितंबर में गिरफ्तार किया गया था। विर्क को जब गिरफ्तार किया गया या निलंबित किया गया उस समय वह पंजाब सरकार के मातहत काम नहीं कर रहे थे। उनके वकील ने प्रेट्र से कहा ऐसे में निलंबन आदेश राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र से बाहर और अवैध है।
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