अपने जमाने में खूबसूरती की मलिका कही जाने वाली बॉलीवुड अदाकारा मधुबाला ऐसी दूसरी अभिनेत्री बन गई हैं, जिन पर भारतीय डाक-तार विभाग ने टिकट जारी किया है। डाक विभाग ने इस टिकट की कीमत पाँच रूपए रखी है।
यहाँ के रविन्द्र भवन में आयोजित इस समारोह में मधुबाला की बहन मधु भूषण और मनोज कुमार के साथ-साथ बॉलीवुड की कई मशहूर हस्तियाँ मौजूद थीं। बॉलीवुड के क्षेत्र में डाक विभाग ने पहला डाक टिकट 30 अप्रैल 1971 में जारी किया था। यह डाक टिकट दादा साहब फालके पर था। वैसे दादा साहब और नर्गिस दत्त के अलावा डाक विभाग किशोर कुमार और गुरूदत्त पर भी डाक टिकट जारी कर चुका है।
फिल्म अभिनेत्रियों में डाक टिकट पर पहली तस्वीर चस्पा होने का सम्मान नर्गिस दत्त ने प्राप्त किया। नर्गिस की कई बेहतरीन फिल्में आज भी रूचि के साथ पसंद की जाती हैं।
मधुबाला ने भी कई यादगार फिल्मों में अभिनय किया लेकिन सबसे ज्यादा कामयाबी उन्हें के. आसिफ की फिल्म 'मुगल-ए-आजम' से मिली। यही कारण है कि डाक विभाग ने उन पर डाक टिकट जारी करने का फैसला किया।
समारोह में मौजूद मधुबाला की बहन मधु भूषण ने कहा कि हम बहुत खुशनसीब हैं कि हमें मधुबाला जैसी बहन मिली। हम सबकी दुआ है कि खुदा उन्हें जन्नत में जगह दे, उन्हें हमेशा जन्नत-ए-फिरदोस बक्शे। उन्होंने सभी बहनों पर बेशुमार प्यार लुटाया। हम देशवासियों के शुक्रगुजार है कि आज भी वे हमारी इस प्यारी-सी बहन को दिल से इतना चाहते हैं।
मधु भूषण के अनुसार जब हमें सूचना मिली कि मधुबाला पर डाक टिकट जारी हो रहा है तो बहुत आश्चर्य हुआ। हम सोच भी नहीं सकते थे कि भारत सरकार हमारी बहन को इतनी इज्जत देगी।
ख्यात सिने अभिनेता मनोज कुमार ने कहा कि मधुबाला खूबसूरत ही नहीं बल्कि एक नेक-दिल इंसान थीं। मुझे फख्र है कि ऐसी हस्ती को हमने रूबरू देखा, उनसे बातें कीं। डाक विभाग ने उन पर टिकट निकालकर उन्हें हमेशा-हमेशा के लिए अमर बना दिया।
उन्होंने कहा कि हु्स्न की मलिका जज्बात की मलिका एक सदी में एक ही पैदा होती है और वह थीं मधुबाला।
मनोज कुमार के कहा कि हमारी फिल्म इंडस्ट्री ने कई खूबसूरत अदाकाराएँ दी हैं लेकिन मधुबाला की बात ही कुछ और थी। आज भी मुझे उनकी हँसी और गालों पर पड़ने वाले डिंपल याद आते हैं। वाकई लाजवाब थीं। मैंने उनसे सुन्दर कोई दूसरी अभिनेत्री आज तक नहीं देखीं।
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