पूर्व क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी की पुत्री एवं चर्चित फिल्म अभिनेत्री सोहा अली खान के खिलाफ हरियाणा के अधिकारियों ने हथियार कानून के उल्लंघन के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी करने का फैसला किया है।
पटौदी ने सोहा के नाम पर जारी बंदूक से काले हिरण का शिकार किया था और पुत्री को पिता के कृत्य के लिए मुसीबत झेलनी पड़ रही है।
गुड़गाँव के उपायुक्त राकेश गुप्ता ने कहा कि सोहा को 1996 में हथियार का लाइसेंस जारी किया गया था। उस समय उनकी उम्र सिर्फ 18 साल और एक महीने थी जबकि ऐसे लाइसेंस के लिए न्यूनतम उम्र 21 साल होनी चाहिए।
गुप्ता ने कहा कि कारण बताओ नोटिस में सोहा से पूछा जाएगा कि निर्धारित उम्र से कम अवस्था होने के बावजूद उन्होंने किस प्रकार लाइसेंस हासिल किया।
उन्होंने कहा कि सोहा को लाइसेंस जारी किए जाने से संबंधित दस्तावेज भी सरकारी रिकॉर्ड से गायब हैं। इस संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
गुप्ता ने कहा कि मंसूर अली खान पटौदी ने राइफल संख्या 91501 अपने पास रखने की अनुमति सात जनवरी 2000 को हासिल की जबकि इसके लिए लाइसेंस सोहा के नाम जारी हुआ था।
उन्होंने कहा कि पटौदी ने जून 2005 में शिकार में इसी हथियार का उपयोग किया था और झज्झर जिले में एक काले हिरण का शिकार किया था। पुलिस ने शिकार मामला के सामने आने के बाद हथियार अपने कब्जे में लेते हुए उनके खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
गुप्ता ने कहा कि गुड़गाँव के अनुमंडलाधिकारी जेएस सांगवान ने बिना तथ्यों की जाँच किए अक्टूबर 2005 में सोहा के नाम लाइसेंस का नवीनीकरण कर दिया, जबकि हथियार उस समय पुलिस कब्जे में था। हथियार कानून के तहत कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए सोहा को दो हफ्ते का समय दिया जाएगा।
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