प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहनसिंह के पृथक पूर्वांचल राज्य के निर्माण पर उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा पहल किए जाने संबंधी बयान पर उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने कहा है कि नए राज्य की स्थापना हेतु संवैधानिक रूप से केन्द्र द्वारा ही पहल किया जाना अपेक्षित है। मायावती द्वारा शनिवार को प्रधानमंत्री को भेजे एक पत्र में कहा गया कि भारत के संविधान के अनुच्छेद तीन के अन्तर्गत संसद द्वारा ही विधि के माध्यम से नए राज्यों का निर्माण वर्तमान राज्य के क्षेत्रों सीमाओं या नामों में परिवर्तन किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि उत्तरप्रदेश सरकार अपना यह सुनिश्चित मत पूर्व में ही व्यक्त कर चुकी है कि न केवल पूर्वांचल बल्कि बुंदेलखंड एवं पश्चिमी उत्तरप्रदेश भी पृथक राज्य के रूप में निर्मित किए जाने चाहिए तभी उत्तरप्रदेश के समस्त क्षेत्रों का समग्र विकास संभव है। उन्होंने पत्र में अपनी सरकार के इस मत को पुन: दोहराते हुए प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि उत्तरप्रदेश को नए राज्यों में विभाजित करने की दिशा में केन्द्र सरकार द्वारा संवैधानिक रूप से तय प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए जिससे इस दिशा मे ठोस प्रगति हो सके। प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को वाराणसी में कहा था कि उत्तरप्रदेश सरकार अगर इन राज्यों के गठन के लिए ठोस पहल करती है तो केन्द्र सरकार भी सकारात्मक कदम उठाएगी।
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