मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने शनिवार को कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी के विरूद्ध विपक्ष की ओर से अविश्वास प्रस्ताव लाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
चौहान ने यहाँ कहा कि लोकसभा या विधानसभा अध्यक्ष का पद संसदीय परंपरा में अत्यंत गरिमापूर्ण है और विपक्ष के इस कदम से उसकी गरिमा को आघात पहुँचा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश विधानसभा का इतिहास उच्च संसदीय मर्यादाओं के अनुकूल रहा है और रोहाणी उसी परंपरा का निर्वहन करते आए हैं। लोकतंत्र में मतभेद और विरोध स्वाभाविक हैं, लेकिन इसके पीछे उच्च पद और संसदीय परंपरा की मर्यादा को ठेस पहुँचाने की मंशा नहीं होनी चाहिए। विपक्ष को ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए था।
अध्यक्ष के विरूद्ध विपक्ष ने गुरुवार को सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाने की सूचना दी थी। विपक्ष का कहना है कि अध्यक्ष के कथित मनमाने रवैए के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा रहा है।
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