कड़ी आलोचना की शिकार गोवा पुलिस ने दूसरे संदिग्ध को गिरफ्तार कर ब्रिटिश किशोरी स्कारलेट कीलिन की हत्या के मामले को सुलझा लेने का दावा किया है और दोनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है।
गोवा के मशहूर अंजुन तट पर स्कारलेट का अर्धनग्न शव मिलने के लगभग एक महीने बाद पुलिस महानिरीक्षक किशन कुमार ने कहा कि 15 वर्षीय ब्रिटिश किशोरी को मादक द्रव्य दिया गया, उसके साथ बलात्कार किया गया और समुद्र तट पर उथले पानी में फेंक दिया गया।
इधर बुधवार की रात गिरफ्तार कार्वाल्हो को गुरुवार को स्थानीय अदालत में पेश किया गया जहाँ उसे 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। किशोरी की मां फियोना ने गुरुवार के घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वह मामले में पुलिस जाँच से संतुष्ट नहीं है और यह भी पुलिस की लीपापोती है।
दो संदिग्धों बारमैन सैम्सन डीसूजा और प्लैसिडो कार्वाल्हो के खिलाफ हत्या, बलात्कार और मादक द्रव्य देने का मामला दर्ज किया गया है। कुमार ने कहा कि पिछले महीने 17 और 18 तारीख के बीच की रात सैम्सन ने स्कारलेट के साथ कई बार बलात्कार किया। पुलिस के मुताबिक दूसरे मुख्य संदिग्ध कार्वाल्हो ने बलात्कार नहीं किया।
कुमार ने बताया कि समुद्र तट पर टार्च लेकर टहल रहे एक व्यक्ति ने सैम्सन को दौड़ते हुए देखा था, लेकिन वह लड़की को नहीं देख सका था। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति ने लड़की को समुद्र तट की तरफ पर ले जाने से पहले डीसूजा को उसके साथ बलात्कार करते देखा था। डीसूजा ने वहाँ भी उसके साथ बलात्कार किया था। फिर स्कारलेट बेहोश हो गई। थकान बलात्कार और मादक द्रव्य के असर से उसकी मौत हो गई।
पुलिस शुरू में कह रही थी कि लड़की समुद्र में डूब गई थी, लेकिन स्कारलेट की माँ फियोना मैकेओन की माँग पर दूसरी बार पोस्टमार्टम होने के बाद उसने हत्या की जाँच शुरू की।
कुमार ने कहा कि सैम्सन ने कार्वाल्हो के साथ मिलकर स्कारलेट को मादक द्रव्य दिया और फिर बारमैन डीसूजा ने उसे उथले पानी में छोड़ दिया। जब उसकी मौत हुई, तब कार्वाल्हो वहाँ नहीं था। समान मकसद होने की वजह से उस पर हत्या का आरोप लगाया गया है।
कुमार ने कहा कि पुलिस की अक्षमता या लीपापोती के आरोपों के मद्देनजर शुरू में मामले को देख रहे पुलिस उपनिरीक्षक नर्लोन अलबकर्क को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ गवाही देने वाले दो प्रत्यक्षदर्शियों ने पीड़ित का बलात्कार होते देखा, लेकिन उसे नहीं बचाया क्योंकि उन्होंने सोचा कि वह आपसी सहमति से हो रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि दोनों आरोपी यह जानते हुए भी लड़की को लगातार मादक द्रव्य देते रहे थे कि वह शराब के नशे में है और उसने मादक द्रव्य का सेवन किया है। कुमार ने कहा कि मादक द्रव्य दिए जाने से पहले स्कारलेट ने कोकीन, एक्सटैसी और एलसीडी का सेवन किया हुआ था। उन्होंने कहा कि कोई भी सभ्य व्यक्ति लड़की को उसके घर छोड़ देता।
पुलिस के मुताबिक हालाँकि सैम्सन मामले का मुख्य आरोपी है फिर भी कार्वाल्हो अपराध में बराबर का हिस्सेदार है, इसलिए उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
ब्रिटिश किशोरी की हत्या में 1 गिरफ्तार
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