वह मासूम और चुलबुली मात्र चार बरस की है, लेकिन ब्लड कैंसर जैसी भयानक बीमारी झेल रही है। सहारा शाह नाम की इस बेहद सुन्दर बच्ची के लिए फिल्म अभिनेता सलमान खान 'फरिश्ता' बनकर सामने आए हैं और उन्होंने सहारा के इलाज के लिए 5 लाख रुपए का दान दिया है।
सहारा की जिन्दगी की दर्दनाक दास्ताँ सुनकर हर कोई उस पर अपना प्यार लुटाने को बेताब है। सहारा के जीवन की डोर कब तक उसका साथ देगी, यह तो कुदरत ही जानता है, लेकिन जबसे उसका मामला भारतीय मीडिया में आया है, हर कोई उसकी लंबी उम्र की दुआ के लिए हाथ उठाने से नहीं चूक रहा है। यहाँ पर आप भी पढि़ए इस मासूम की जिन्दगी के गुजरे हुए पलों की दास्तान...
वास्तव में यह खबर पूरे देश में फैलाने का काम टीवी चैनल 'आजतक' ने किया। चैनल के मुताबिक कुछ दिनों पहले मुंबई में स्टार प्लस के लोकप्रिय कार्यक्रम 'छोटे उस्ताद' की शूटिंग चल रही थी। स्टार ने मुंबई के टाटा मेमोरियल अस्पलाल से अनुरोध किया कि वह आठ बीमार बच्चों को शूटिंग में भेजे, ताकि उन्हें चंद पलों की ही सही, कुछ तो खुशी मिल सके।
इन आठ बीमार बच्चों में 4 साल की सहारा शाह भी थी, जिसे ब्लड कैंसर है। कार्यक्रम में सलमान खान भी मौजूद थे। उन्होंने जैसे ही सहारा को देखा वे उस मासूम की ओर बढ़े और उसे गोदी में उठा लिया। पूरे कार्यक्रम में वे उसे गोद में लेकर दुलार करते रहे। बीच कार्यक्रम में वे सहारा को लेकर स्टेज पर गए और उससे कुछ गाने का आग्रह किया। बाद में सलमान ने सहारा की माँ शांति राजकुमार शाह को इलाज के लिए 5 लाख का चेक प्रदान किया।
सलमान की दीवानी है सहारा : सहारा शुरू से ही सलमान खान की दीवानी है और उनके कई गीत गाते हुए ठुमके लगाती है। उसे 'लाल दुपट्टा उड़ गया मेरा हवा के झोंके से, मुझको पिया ने देख लिया हाय रे धोखे से' बेहद पसंद है। घर में भी वह इठला-इठलाकर सलमान पर फिल्माए गीतों को गुनगुनाती थी, लेकिन ब्लड कैंसर ने इस गोल-मटोल बच्ची को टाटा अस्पताल पहुँचा दिया है।
बेदर्द पिता ने तोड़ा नाता सहारा से : बच्ची की माँ शांति राजकुमार शाह ने बताया कि शादी के बाद हमारे घर की स्थिति बहुत खराब थी। जब सहारा एक माह की थी, तब इसका पिता आर्थिक तंगी की वजह से हमें छोड़कर कुवैत भाग गया। सहारा जब 6 माह की हुई, तब मुझे पता चला कि उसे तो ब्लड कैंसर है। मैंने उसके पिता को कुवैत में फोन पर बेटी की बीमारी की खबर दी। इसके बाद उन्होंने हमसे नाता तोड़ लिया। यहाँ तक कि अपना फोन नम्बर तक बदल लिया। किसी तरह मैं बच्ची का इलाज कराती रही और भगवान से प्रार्थना करती रही कि वह कोई तो फरिश्ता भेजे जो इसके महँगे इलाज का खर्च उठा सके।
...और वाकई फरिश्ता आ गया : सहारा की माँ के मुताबिक सलमान के रूप में वाकई ऊपर वाले ने फरिश्ता भेजा है। शायद भगवान भी इस बच्ची का दु:ख नहीं देख सके हैं। मैं सलमान की शुक्रगुजार हूँ। उन्होंने मेरी बेटी को जीने का एक और सहारा दिया है।
प्यार बरसाने की होड़ : इस चार साल की बच्ची पर आज हर कोई अपना प्यार बरसाने को बेताब है। चारों तरफ से मदद के लिए हाथ आगे बढ़े हैं और मानवता की मिसाल कायम कर रहे हैं। यकीनन अब सहारा अकेली नहीं है। उसे प्यार, दुलार और देखभाल की जरूरत है।
जिन्दगी जीने की जंग लड़ रहे हैं बच्चे : यदि ऊपर वाला किसी बच्चे में कोई दोष देकर भेजता है, तो उसमें एक अतिरिक्त प्रतिभा का भी संचार करने में कंजूसी नहीं बरतता। दिल्ली के दिवाकर की आँखों में भले ही रोशनी नहीं हो, लेकिन गायन के क्षेत्र में उन्होंने जो मुकाम हासिल किया है, वह अच्छे-अच्छों को दाँतों तले अँगुली दबा लेने को मजबूर कर देता है।
इंदौर के जयंत की आँखों की रोशनी धीरे-धीरे कम होती जा रही है, लेकिन उन्होंने अपनी आवाज के जादू से सभी को अपना दीवाना बना रखा है। कानपुर की श्रुति और गोरे बहनें सालों से बिस्तर पर हैं, लेकिन अपने गीतों से वे पूरे देश की चहेती हैं। इन सभी बच्चों में जिन्दगी की जंग से लड़ने का जो हौसला है, उसे सलाम करने को दिल करता है।
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