गोवा के समुद्री तट पर एक 15 वर्षीया ब्रिटिश किशोरी स्कारलेट की हत्या की मौत के मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है जबकि गोवा की पुलिस ने इस सिलसिले में अटॉप्सी रपट के आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया है।
पुलिस महानिरीक्षक किशन कुमार ने बताया कि हमने इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इस संबंध में अभी और गिरफ्तारियाँ होंगी। राज्य की पुलिस ने इससे पहले ब्रिटिश किशोरी स्कारलेट इडेन किलींग की हत्या के मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया था।
इससे पहले पुलिस ने कहा था कि यह दुर्घटना का मामला है जबकि दूसरे अटॉप्सी रपट ने मामले को नया मोड़ प्रदान किया और पुलिस को हत्या का मामला दर्ज करना पड़ा। गोवा के प्रसिद्ध अंजुना समुद्री तट पर गत 18 फरवरी को अर्द्धनग्न अवस्था में स्कारलेट मृत पाई गई थी और उसके परिवार वालों ने बलात्कार के बाद हत्या की आशंका व्यक्त की थी।
मीडिया में इस मामले के प्रकाश में आने और राजनीतिक खेमेबंदी के बाद राज्य सरकार ने दूसरे अटॉप्सी जाँच का आदेश दिए, जिसमें इस मामले की जाँच हत्या के संदर्भ में किए जाने की सिफारिश की गई।
उक्त ब्रिटिश लड़की की दूसरी अटॉप्सी रिपोर्ट में उसके शरीर पर लगभग 50 खरोंचों की बात सामने आई है जबकि पहले अटाप्सी रपट में महज पाँच खरोंचों की बात कही गई थी।
इस बीच पुलिस महानिरीक्षक किशन कुमार ने बताया इस मामले में गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान 29 वर्षीय सैमसंग डिसूजा के रूप में की गई है, क्योंकि उसे लड़की की मौत से पहले उसके साथ अंतरंगता प्रदर्शित करते हुए देखा गया था। पुलिस महानिरीक्षक किशन कुमार ने कहा कानून के तहत कोई भी व्यक्ति नाबालिग लड़की के साथ यौन संबंध नहीं बना सकता है, चाहे इसमें लड़की की सहमति ही क्यों न हो।
इधर उत्तरी गोवा के पुलिस अधीक्षक बास्को जॉर्ज ने बताया कि हमने इस सिलसिले में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत हत्या का मामला दर्ज किया है जिसका अर्थ हुआ कि मामले की जाँच हत्या किए जाने के संदर्भ में की जाएगी।
पुलिस इस मामले में चार लोगों की तलाश कर रही है, जिसे लड़की की हत्या के कुछ घंटे पहले उसके साथ देखा गया था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस सिलसिले में एक दुकान के मालिक और कुछ अन्य लड़कों से पूछताछ की गई जहाँ स्कारलेट ने कुछ समय बिताया था।
पुलिस ने बताया कि वह इस मामले में कड़ियों को जोड़ने में लगी हुई है और जल्द ही स्कारलेट की हत्या के जुड़े पूरे तथ्यों का पता लगा लेगी। पुलिस महानिरीक्षक किशन कुमार ने बताया डॉक्टरों ने पहले अटॉप्सी रपट के समय यह क्यों नहीं बताया था कि उसके शरीर पर खरोंचों के निशान थे और कि इसमें हत्या की संभावना भी है।
लेकिन पुलिस महानिरीक्षक इस बात का कोई उत्तर नहीं दे सके कि मामले की जाँच का काम एक अधिकारी से लेकर दूसरे अधिकारी को क्यों सौंपा गया।
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