बलूचिस्तानी बलूची, बहावलपुरी चिकन, वजीराबादी मछली, लाहौरी शाही खीर और जर्दा इन सभी लजीज पाकिस्तानी व्यंजनों का आनंद राजधानी में चल रहे फूड फैस्टीवल में लिया जा सकता है।
हयात रीजेन्सी होटल में चल रहे फूड फैस्टीवल में पाकिस्तानी शेफ अब्दुल मजीद और मोहम्मद जमील सीमा पार बनने वाले करीब 80 से 85 व्यंजन बना रहे हैं जिनका आनंद दिल्लीवासी ले सकते हैं। यह व्यंजन महोत्सव सात मार्च से शुरू हुआ है और 16 मार्च तक चलेगा।
इस फूड फैस्टीवल में लाहौर की प्रसिद्ध फ्राइड फिश, बलूचिस्तानी बलूची, मटन शोरबा और बहावलपुरी चिकन की महक है तो दूसरी ओर लाहौरी शाही खीर, शेर खुरमा और फिरनी की बहार है। जर्दा ने सभी का मन मोह लिया है। घी में चावल पकाकर और सूखे मेवे मिला कर तैयार किया गया यह व्यंजन हर कोई चखना चाहता है।
मेनू में गजरेला भी है जिसे भारत में गाजर का हलवा कहा जाता है। अब्दुल मजीद ने को बताया फूड फैस्टीवल का मुख्य उद्देश्य यहाँ के लोगों को असली पाकिस्तानी व्यंजन का स्वाद देना है। लाहौर स्थित अवारी इंटरनेशनल होटल से आए दोनों शेफ यहाँ के शेफों को पाकिस्तानी व्यंजन बनाना भी सिखाएँगे।
प्रति दिन दोपहर और रात के भोजन में चार माँसाहारी डिशेज और चार शाकाहारी डिशेज तथा अलग अलग तरह की रोटी और नान परोसी जाती है। रात्रि के भोजन में दी जाने वाली अन्य डिशेज में चिनोटी मटन, कौना तथा पेशावरी चपली कबाब प्रमुख हैं, जो उत्तर पश्चिमी प्रांत की खासियत है।
पाकिस्तानी शेफ बताते हैं कि भारतीय और पाकिस्तानी व्यंजनों में अंतर केवल पकाने के तरीके और मसालों के अनुपात को लेकर है। उन्होंने बताया कि खाने का तरीका भी थोड़ा भिन्न है। बहरहाल तश्तरियाँ दोनों देशों में एक जैसी होती है।
दोनों शेफों ने यह भी बताया कि पाकिस्तानी व्यंजनों को पकाने में काफी समय लगता है और इसमें धैर्य की जरूरत होती है। उन्होंने बताया कि रविवार की सुबह एक खास व्यंजन 'निहारी' होती है। इसके लिए मटन और चिकन को मिट्टी के बर्तन में पूरी रात धीमी आंच में पकाया जाता है।
पाकिस्तान में पसंदीदा भारतीय व्यंजनों के बारे में पूछने पर इन शेफों ने मुंबई फ्राइड फिश, बर्फी, खीर, काजू का हलवा और रसमलाई का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वह भारत यात्रा के दौरान असली मुंबई फ्राइड फिश का स्वाद लेना चाहते हैं। इसे पकाने की विधि सीखने की भी उनमें उत्सुकता है।
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