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इरोम शर्मिला दोबारा गिरफ्तार
सामाजिक कार्यकर्ता इरोम शर्मिला को दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें शुक्रवार को ही रिहा किया गया था। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि शर्मिला को बार-बार इसलिए गिरफ्तार करना पड़ता है क्योंकि वे आत्महत्या का प्रयास करती हैं।

इरोम शमिला मणिपुर से सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम 1958 को समाप्त किए जाने की माँग कर रही हैं। अपनी माँग को मनवाने के लिए वे आमरण अनशन पर बैठी हैं। असम राइफल्स के जवानों द्वारा इंफाल हवाई अड्डे के निकट मकाम में दस नागरिकों की हत्या के बाद शर्मिला ने नवंबर वर्ष 2000 से आमरण अनशन शुरू किया था।

सूत्रों के मुताबिक शर्मिला पिछले सात वर्ष से न्यायिक हिरासत में सरकारी जवाहरलाल अस्पताल में हैं, जहाँ उनके कमरे को जेल में तब्दील कर दिया गया है। उन्हें नाक के माध्यम से आहार दिया जाता है।

मणिपुर में सितंबर वर्ष 1980 से सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम 1958 लागू है। सूत्रों का कहना है कि वर्ष 1980 के बाद से अब तक राज्य में उग्रवाद संबंधी वारदातों में सैकड़ों निर्दोष नागरिकों मारे जा चुके हैं।

कई सामाजिक संगठनों का आरोप है कि निर्दोष नागरिकों की मौत के लिए सुरक्षा बल जिम्मेदार हैं, जो उग्रवादियों की धरपकड़ के नाम पर आम नागरिकों को प्रताड़ित करते हैं।
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