जिला चिकित्सालय विक्टोरिया अस्पताल में अव्यवस्थाओं का आलम शुक्रवार को उस समय स्पष्ट हो गया जब 21 वर्षीय एक अविवाहित युवक की अस्पताल सफाईकर्मी ने रुपयों का लालच देकर नसबंदी करवा दी।
पीडि़त युवक विनोद चौटेल के बडे भाई ने बताया कि विगत एक मार्च को उसके छोटे भाई को मोहल्ले में ही रहने वाले रमेश चौटेल ने जो विक्टोरिया अस्पताल में सफाईकर्मी है, ने कहा कि तुम्हें 1100 रुपए मिलेंगे चलकर नसबंदी करवा लो।
पीडि़त के भाई ने बताया कि उसका छोटा भाई विनोद मानसिक रूप से थोडा कमजोर है अत: वह रुपयों के लालच में रमेश के झांसे में आ गया। रमेश ने भी आनन फानन में इंतजाम कर विक्टोरिया अस्पताल में उसी दिन उसकी नसबंदी करवा दी। पीडित युवक जब घर पहुंचा तो उसके परिजनों को इस बात की जानकारी मिली।
विनोद ने बताया कि रमेश ने उसकी नसंबंदी तो करवा ही दी लेकिन पूर्व में किए गए वादे के अनुसार उसे एक भी रुपया नहीं दिया। अविवाहित युवक की नसबंदी करवा दिए जाने से उसका भविष्य अंधकारमय हो गया है।
इस संबंध में ओमती थाना प्रभारी अखिल वर्मा ने बताया कि आरोपी रमेश से पूछताछ की जा रही है और पीडित युवक विनोद को डॉक्टरी जाँच के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि पूछताछ और डॉक्टरी जाँच की रिपोर्ट के बाद ही यह निर्धारित होगा कि आरोपी पर क्या कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा है कि मामले की निष्पक्ष जाँच की जाएगी और पीडित को पूरा इंसाफ दिलाया जाएगा। विक्टोरिया अस्पताल के मीडिया प्रभारी अजय कुरील ने कहा है कि इस घटना में यदि किसी अस्पताल कर्मचारी का हाथ पाया जाता है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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