पत्नी और रखैल होने के बावजूद अपनी जवान विधवा बहू पर ससुर की नीयत खराब हो गई। वह बंदूक की नोक पर अपनी बहू नीलम का यौन शोषण करने लगा। पहले तो शर्म, लज्जा और भय के कारण बहू नीलम यह सब बरदाश्त करती रही, किन्तु जब पानी सिर से ऊपर होने लगा तो बहू नीलम ने विरोध करने की ठानी है। ससुर के अत्याचारों से पीड़ित, निराश, बेबस, बेसहारा बहू नीलम न्याय की गुहार मुख्यमंत्री तक से कर चुकी है। नीलम ने कहा है कि यदि उसे न्याय न मिला तो वह अपनी बूढ़ी सास, दोनों मासूम बच्चों सहित आत्मदाह कर इस घृणित जीवन से छुटकारा पा लेगी, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। अत्याचार की शिकार नीलम राज्य महिला आयोग में बुधवार को शिकायत दर्ज कराने राजधानी आई थी, किन्तु राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष की अनुपस्थित से वह मायूस हो गई। उसका कहना है कि महिला आयोग मौके पर आकर उसकी शिकायत की जाँच करे। मामला जनपद बिजनौर का है।
बहू नीलम ने अपने ससुर गजराजसिंह पर आरोप लगाया है कि गजराज अपनी रखैल पुष्पा के साथ रह रहा है, जबकि उसकी विवाहिता राजदुलारी को पति के होते विधवा जैसा जीवन जीने को विवश कर दिया है।
नीलम ने बताया कि उसका विवाह फरवरी 2003 में सरवेन्द्र कुमार राणा पुत्र गजराजसिंह निवासी सरकथल माधो (बिजनौर) के साथ हुआ था। सरवेन्द्र अपने माँ-बाप की इकलौती संतान थे। नीलम को शादी के लगभग एक वर्ष बाद पता चला कि उसके ससुर गजराज के अन्य महिला पुष्पा पत्नी महेन्द्रसिंह निवासी गैंडाजूड़ बगबाड़ा के साथ अवैध संबंध हैं।
इन दोनों के संबंध सार्वजनिक होने पर उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम में चालक पद पर सेवारत गजराज ने समय से पहले सेवानिवृत्ति ले ली और समस्त सामाजिक मान-मर्यादाओं की अनदेखी कर पुष्पा और उसकी नाजायज संतानें गाँव सरकथल माधो आकर रहने लगीं।
इतना ही नहीं गजराज ने कृषि भूमि का 15 बीघा भाग अपनी रखैल पुष्पा के नाम कर दिया जिसके कारण परिवार में विवाद हो गया। इसी विवाद के चलते नीलम के पति सरवेन्द्र राणा की जून 2007 को आकस्मिक मृत्यु हो गई। ससुर गजराज ने अपने कुकृत्यों से नीलम का सुहाग ही नहीं लूटा, बल्कि उसकी इज्जत को भी तार-तार कर दिया।
जवान बेटे सरवेन्द्र की मौत के बाद गजराज, उसकी रखैल पुष्पा व उसके बेटे मुनेश व सुरेन्द्र बेलगाम हो गए। उन्होंने गजराज की पहली पत्नी राजदुलारी (55), पुत्रवधू नीलम तथा उसके बच्चों विशाल (3), त्रिशा (2) को मकान के एक हिस्से में बंधक बनाकर नारकीय जीवन जीने को विवश कर दिया है।
नीलम ने अपने चरित्रहीन ससुर के खिलाफ थानाध्यक्ष धामपुर, पुलिस अधीक्षक, मुख्यमंत्री, जिलाधीश और क्षत्रिय राजपूत सभा से भी गुहार लगाई, मगर कहीं से कोई न्याय नहीं मिला। इससे गजराज, पुष्पा और उसकी संतानों के हौसले और बुलंद हो गए।
उन्होंने नीलम को दहेज में मिले कीमती आभूषण, वस्त्र व अन्य सामान छीन लिया और उसे दाने-दाने को मोहताज कर दिया। नीलम ने वेबदुनिया को बताया कि कि गजराज एक शातिर बदमाश है। उसने आशंका व्यक्त की कि उसके व बच्चों के साथ कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है।
नीलम ने गजराज की विवाहिता राजदुलारी, नीलम व उसके बच्चों को पुस्तैनी संपत्ति का हक दिलाने की माँग की है। नीलम ने यह भी माँग की है कि गजराज द्वारा उसके मायके वालों द्वारा दिए गए दो लाख नकद, कीमती जेवराज, वस्त्र, मोटरसाइकिल, फ्रिज, कूलर टीवी, वाशिंग मशीन आदि उससे दिलाया जाए।
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