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गए थे पानी लेने, आग मिल गई!
गए थे ट्यूबवेल पर पानी भरने, पानी तो मिला नहीं पर आग जरूर मिल गई। जी हाँ, यह हकीकत है। उड़ीसा के एक छोटे-से गाँव के कई ट्यूबवेलों में ऐसा हो रहा है।

मामला यह है कि उड़ीसा में केंद्रपाड़ा के निकट मंत्रीपाड़ा गाँव में हर दिन की तरह लोग हैंडपंप पर पानी भरने के लिए गए थे, जब वे हैंडपंप के नीचे बाल्टी लगाकर हैंडपंप चलाने लगे तब पहले तो केवल आवाजें आती रहीं, लेकिन बाद में हवा निकलने लगी। हवा भी कोई साधारण नहीं थी, उसमें रसोई गैस जैसी बदबू थी। लोगों ने जब उस गैस के सामने माचिस जलाई तो हैंडपंप से निकल रही गैस ने तुरंत आग पकड़ ली।

आश्चर्य की बात यह है कि मंत्रीपाड़ा गाँव के कई ट्यूबवैल में से ऐसी गैस निकलती है और कुछ परिवार तो उसका उपयोग खाना पकाने के लिए भी करने लगे हैं। मंत्रीपाड़ा निवासी तिलोत्तमा नायक की माली हालत ऐसी नहीं है कि वह रसोई गैस का खर्चा उठा सके। इसलिए उन्होंने घर के पीछे लगे हैंडपंप को स्टोव से जोड़कर उस पर खाना पकाना शुरू कर दिया। तिलोत्तमा कहती हैं कि वे पिछले तीन महीने से हैंडपंप की गैस पर खाना पका रही है और ऐसा करने में अभी तक कोई परेशानी नहीं आई है।

वे कहती हैं कि हमने पानी के लिए ट्यूबवैल खुदवाया था लेकिन पानी के साथ-साथ उसमें से निकल आई गैस। यह किसी चमत्कार से कम नहीं। उल्लेखनीय है कि जिले के कई गाँवों में इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। इससे लगता है कि क्षेत्र में जमीन के नीचे प्राकृतिक गैस के भंडार मौजूद हैं।

जीएसआई ने की जाँच : जिला कलेक्टर काशीनाथ साहू को जब इस बात की जानकारी मिली उनका कहना है कि वे इस मामले की जाँच विशेषज्ञों से करवा रहे हैं। साहू कहते हैं कि हैंडपंपों से निकलने वाली गैस बिलकुल रसोई गैस की तरह है। उन्होंने ज्यॉग्राफिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जीएसआई) को मंत्रीपाड़ा की मिट्टी और जमीनी हलचलों का परीक्षण करने के लिए बुलाया था। पिछले दिनों जीएसआई की टीम यहाँ आकर परीक्षण कर चुकी है, लेकिन टीम अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुँची है।
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