मुख्यमंत्री मायावती ने राज्य में छात्र संघ चुनावों पर लगी रोक हटाने की घोषणा की है। मायावती ने बुधवार को राज्य विधानसभा में यह घोषणा की। चुनावों के संचालन और उम्मीदवारों की पात्रता के बारे में राज्य के अपने नियम तय किए गए हैं। केंद्र सरकार की तरफ से छात्र संघ चुनावों के मुद्दे पर गठित लिंगदोह समिति की सिफारिशों के आधार पर उत्तरप्रदेश में भी मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक समिति बना दी गई थी, जिसकी सिफारिशें मिल गई हैं। समिति की सिफारिशों के आधार पर छात्र संघ चुनाव में खड़े होने वाले विर्द्याथियों की अधिकतम उम्र तय कर दी गई है। अंडर-ग्रेजुएट छात्रों के लिए 17 से 22 साल, पोस्टग्रेजुएट छात्रों के लिए 24-25 साल और शोध छात्रों के लिए 28 साल की अधिकतम उम्र तय की गई है। इससे अधिक की उम्र के छात्र चुनाव में हिस्सा नहीं ले सकेंगे।
अन्य नियमों के मुताबिक शिक्षण संस्थान में प्रत्याशी की न्यूनतम उपस्थिति 25 फीसदी होनी चाहिए, उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए। चुनाव लड़ने के इच्छुक छात्र पूर्णकालिक होने चाहिए। राज्य सरकार ने छात्र संघ चुनावों में उम्मीदवारों की तरफ से खर्च की जा सकने वाली अधिकतम रकम पाँच हजार तय की है और मुद्रित पोस्टर व मुद्रित बैनर के प्रयोग पर पाबंदी लगा दी है। हाथ से बनाए हुए पोस्टर और बैनर जरूर इस्तेमाल किए जा सकेंगे।
लखनऊ में दो अपराधी गिरफ्तार : एसटीएफ ने मंगलवार रात दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से हथियार बरामद किए। आरोपियों के नाम गिरीश कुमार पांडेय डिपुल पुत्र राम कुमार पांडेय और बृजेश कुमार पांडेय पुत्र केशव दत्त पांडेय हैं।
सरकार झुकी : समाजवादी के पार्टी के सांसद एवं युवा मामलों के प्रभारी अखिलेश यादव ने राज्य की मुख्यमंत्री मायावती द्वारा छात्रसघ चुनावों पर लगी रोक हटाने के निर्णय को सरकार द्वारा मजबूरी में लिया कदम बताया और कहा कि सरकार को निर्णय वापस लेकर आखिर झुकना ही पड़ा।
सांसद अखिलेश यादव ने कहा छात्रसंघ चुनावों की माँग कर गिरफ्तार होने वाले छात्र नेताओं को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायमसिंह यादव सम्मानित करेंगे।
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