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मायावती का केन्द्र सरकार को प्रस्ताव
कुछ जातियों को अजा/जजा सूची में शामिल किया जाए
उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने कहा है कि प्रदेश में निवास कर रहे कहार, कश्यप, केवट, मल्लाह, निषाद, कुम्हार, प्रजापति, धीवर, बिन्द, भर, राजभर, धीमर, बाथम, तुरहा, गोंड, माझी तथा मछुआ जाति के लोगों को अनुसूचित जाति एवं जनजातियों के समान लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से इन्हें अजा/जजा की सूची में शामिल किए जाने संबंधी प्रस्ताव भारत सरकार को भेज दिया गया है।

इन जातियों को संविधान के अनुच्छेद 341 के अन्तर्गत अनुसूचित जाति की सूची में शामिल किए जाने का प्रस्ताव किया गया है। उन्होंने कहा कि मेरी सरकार का यह सुनिश्चित मत है कि इन सभी जातियों की सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक स्थिति अत्यन्त निम्न स्तर की है और यह जातियाँ अनुसूचित जाति की सूची में सम्मिलित होने की लगभग सभी शर्तों को पूरा करती हैं। इन जातियों को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल किए जाने से वर्तमान अनुसूचित जातियों को इससे कोई नुकसान भी नहीं होगा।

मुख्यमंत्री इन जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल किए जाने के संबंध में सदन को अवगत कराने के बाद कहा कि प्रदेश सरकार का इन जातियों को अनुसूचित जाति में सम्मिलित किए जाने का प्रस्ताव एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार से इस मामले में आवश्यक संवाद स्थापित किया जाएगा, जिससे कि इन जातियों को शामिल करने की कार्यवाही जल्दी से जल्दी पूरी हो सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 341 एवं सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों के तहत यह स्थापित किया जा चुका है कि किसी भी जाति अथवा उपजाति को अनुसूचित जाति में सम्मिलित किए जाने की कार्यवाही राज्य सरकार से विमर्श के उपरान्त केन्द्र सरकार द्वारा ही की जा सकती है और संसद द्वारा इस विषय में कानून बनाया जा सकता है।

इसी आलोक में राज्य सरकार का अभिमत एवं प्रस्ताव प्रेषित करते हुए राज्य सरकार द्वारा केन्द्र सरकार से यह अनुरोध किया गया है कि इस मामले में शीघ्र कार्यवाही की जाए, क्योंकि यह कार्यवाही राज्य सरकार अथवा राज्य विधानमंडल द्वारा की जाना वैधानिक रूप से संभव नहीं है।
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