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राजस्थान में सिमी की दस्तक
राजस्थान के जैसलमेर जोधपुर सहित कई सीमाई इलाकों में प्रतिबंधित संगठन स्टूडेन्ट इस्लामिक मूमेंन्ट ऑफ इंडिया (सिमी) के गुपचुप प्रवेश की आहट सुनी जाने लगी है। अलीगढ़ से संचालित हो रहे इस संगठन के लोगों द्वारा राजस्थान में अपना आधार मजबूत करने के लिए चुपचाप नए सदस्य बनाने की मुहिम शुरू की गई है।

विश्वसनीय खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र व दिल्ली के बाद प्रतिबंधित संगठन सिमी के नेताओं ने हाल ही में राजस्थान के जैसलमेर, जोधपुर सहित अन्य कई सीमाई इलाकों में गुपचुप रूप से दौरे कर यहाँ अपने प्रतिनिधि बनाए है। बताया जाता है कि इनके द्वारा बड़े पैमाने पर नए सदस्य भी बनाए जा रहे है।

सूत्रों ने बताया कि राजस्थान जैसे शांत व सौहार्द वाले प्रदेश में सिमी की गुपचुप दस्तक खतरे की घंटी साबित हो सकती है। पहले भी उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र में कई आतंकवादी घटनाओं में सिमी की भूमिका प्रत्यक्ष रूप से सामने आई है, अब राजस्थान में अपना आधार तलाशने की सिमी की नई रणनीति कोई दूरगामी सोची-समझी साजिश हो सकती है।

सूत्रों का मानना है कि पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई के भी सिमी के राजस्थान में प्रवेश के पीछे होने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता। क्योंकि राजस्थान के सीमाई इलाकों में बारहों महीने बनी रहने वाली सैन्य हलचल के कारण पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई की गिद्व दृष्टि हमेशा यहाँ लगी रहती है।

खुफिया सूत्रों का मानना है कि राजस्थान के सीमाई इलाकों में धर्म प्रचार के लिए आने वाली जमातों के कारण भी यहाँ कट्टरता बढ़ी है तथा लोगों के खानपान, रहन सहन, पहनावे व संस्कृति में जबरदस्त बदलाव आया है। अब सिमी संगठन की सक्रियता से इन गतिविधियाँ में इजाफा हो सकता है।
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