पृथक तेलंगाना राज्य के निर्माण में हो रहे विलंब के विरोध में लोकसभा से चार सांसदों द्वारा इस्तीफा देने के एक दिन बाद तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के 16 विधायकों और विधान पार्षदों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार पर पृथक तेलंगाना राज्य के निर्माण के लिए दबाव बनाने की पार्टी रणनीति के तहत तेलगांना राष्ट्र समिति के 16 विधायकों और विधान पार्षदों ने सदन में अपने-अपने इस्तीफे प्रस्तुत कर दिए। गौरतलब है कि 294 सदस्यीय राज्य विधानसभा में तेलंगाना राष्ट्र समिति के 26 विधायक हैं। हालाँकि दस विधायक बागी हो चुके हैं और कई पार्टी से पृथक हो गए हैं।
जैसे ही आज सदन की कार्रवाई आरंभ हुई तेलंगाना राष्ट्र समिति के विधायक हाथों में इस्तीफे लेकर हवा में लहराने लगे। वे चाहते थे कि सदन के अध्यक्ष केआर सुरेश रेड्डी उन्हें अपनी बात कहने का अवसर दें।
इससे पहले तेलंगाना राष्ट्र समिति के विधायकों ने सदन स्थगित करने की माँग की जिसे सदन के अध्यक्ष रेड्डी ने खारिज कर दिया। सदन में शोर-शराबा बढ़ता देख अध्यक्ष ने सदन की कार्रवाई दस मिनट के लिए स्थगित कर दी। उन्होंने तेलंगाना राष्ट्र समिति के सदस्यों को अपने कक्ष में बुलाकर बैठक की।
सदन की कार्रवाई जब दोबारा शुरू हुई तो सदन में तेलंगाना राष्ट्र समिति के नेता विजयराम राव ने अपनी पार्टी के सदस्यों के इस्तीफा की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि तेलंगाना के लिए चुनाव पूर्व किए वादे को पूरा करने में कांग्रेस सरकार असफल रही है।
राव ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस ने तेलंगाना के लोगों के साथ छल किया है। कांग्रेस का अगले चुनाव में सफाया हो जाएगा।
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