केन्द्रीय बजट में किसानों के कर्जों की माफी की घोषणा से राजस्थान में मौटे तौर पर किसानों को लगभग 1100 करोड़ रुपए के वित्तीय बोझ से लाभ मिलने का अनुमान लगाया गया है।
केन्द्रीय वित्त मंत्री पी.चिदम्बरम ने मार्च 2007 तक कर्जो की माफी तथा मार्च से दिसम्बर 2007 तक के देय किश्तों पर छूट देने से लगभग 60 हजार करोड़ रुपए के वित्तीय बोझ की बात कही थी। यद्यपि इस अनुमान को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही है।
एपेक्स बैंक के प्रबंध निदेशक अविनाश रणवाह का कहना है कि केन्द्र सरकार से मिले निर्देशों के अध्ययन के बाद कर्ज माफी की वस्तुस्थिति एवं सही आँकड़ों का पता लगाया जा सकेगा। फिर भी मौटे तौर पर केन्द्रीय सहकारी बैंकों के माध्यम से किसानों को लगभग 400 करोड के कर्जो से मुक्ति मिलने का प्रारम्भिक अनुमान है।
राजस्थान राज्य सहकारी भूमि विकास बैंक के उपमहाप्रबंधक (योजना) राकेश भारतीय के अनुसार दो लाख 11 हजार से अधिक किसान अवधि पार ऋण डिफाल्टर है। इन पर मार्च 2007 तक लगभग 419 करोड़ रुपए का कर्ज बाकी है और दिसम्बर 2007 तक की किश्त राशि को मिलाकर इस राशि के लगभग 709 करोड़ रुपए होने का अनुमान है।
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