विवादास्पद लेखिका तसलीमा नसरीन को देश से बाहर निकालने की माँग करते हुए ऑल इंडिया माइनरिटी फोरम ने रविवार को सरकार पर आरोप लगाया कि वह उन्हें बचाने का प्रयास कर रही है।
अखिल भारतीय मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड की ओर से आयोजित रैली में मंच के अध्यक्ष इदरीस अली ने कहा कि तसलीमा ने न केवल मुस्लिमों की भावनाओं को आहत किया है बल्कि उन्होंने भारतीय संविधान की भी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाया है। सरकार को उनकी वीजा की अवधि नहीं बढ़ानी चाहिए और उन्हें तत्काल इस देश के बाहर निकालना चाहिए।
23 वर्ष के लंबे अंतराल के बाद शहर में आयोजित दो दिवसीय अखिल भारतीय संगोष्ठी में देश भर के करीब 500 प्रतिनिधियों ने खुले सत्र को संबोधित किया। इन्हें सुनने के लिए करीब डेढ़ लाख लोग एकत्र हुए।
कुछ वक्ताओं ने शरिया कानून को बचाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना था कि सिर्फ यही कानून मुस्लिमों की पहचान को सुरक्षित रख सकता है।
बोर्ड के सहायक महासचिव रहीम कुरैशी ने कहा कि मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के खिलाफ कई हमले हुए हैं। यह वांछित नहीं है। इस देश में मुसलमानों की पहचान है और इसे पवित्र कुरान के अनुसार तैयार कानून के जरिए ही सुरक्षित रखा जा सकता है।
इस बीच पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष प्रियरंजन दासमुंशी ने कहा कि वह तसलीमा नसरीन और सच्चर समिति की रिपोर्ट जैसे मुद्दों पर अल्पसंख्यक समुदाय की भावनाओं से पार्टी आला कमान को अवगत कराएँगे।
दासमुंशी ने कहा कि विगत कुछ दिनों में मैं पहले ही राज्य के अल्संख्यक समुदाय के प्रतिनिधियों की बातें सुन चुका हूँ। मैं निश्चित तौर पर दिल्ली में पार्टी आला कमान तक उनकी भावनाओं को पहुँचाऊँगा।
देश में तसलीमा के ठहरने से लेकर सच्चर समिति की सिफारिशों तक अल्पसंख्यक समुदाय के लोग नाराज हैं।
|