जम्मू-कश्मीर के अलगाववादियों ने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सह अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी द्वारा भारत-पाक संबंधों के अन्य पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कश्मीर मुद्दे को हाशिए पर डालने की तत्परता दिखाने के बयान पर आश्चर्य जताया है।
जेकेएलएफ अध्यक्ष यासीन मलिक ने रविवार को कहा कि भारत और पाकिस्तान दोस्ताना संबंधों को बढ़ावा दे सकते हैं। उसे जनता की आकांक्षाओं और महत्वाकांक्षाओं से हिसाब से करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पिछले 18 साल में हजारों औरतें विधवा और बच्चे अनाथ हुए हैं और उनकी शहादत को भुलाया नहीं जा सकता।
जरदारी ने एक टीवी चैनल को कल इस्लामाबाद में दिए साक्षात्कार में कहा था कि भारत और पाकिस्तान को कश्मीर मुद्दे से बंधकर नहीं रहना चाहिए और भावी पीढ़ी द्वारा मुद्दे को परिपक्व तरीके से सुलझाए जाने का इंतजार कर सकते हैं।
हुर्रियत कांफ्रेंस के पूर्व अध्यक्ष अब्दुल गनी भट ने कहा कि मुद्दे के निपटारे में देरी के गंभीर परिणाम होंगे और दक्षिण एशिया क्षेत्र में परमाणु शांति के लिए खतरा साबित हो सकती है।
परवेज मुशर्रफ समर्थक भट ने कहा जरदारी हों या कोई और सबको ध्यान में रखना होगा कि समूचे क्षेत्र का अस्तित्व कश्मीर मुद्दे से जुड़ा हुआ है और उसे अलग नहीं किया जा सकता।
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