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नक्सली संगठन में भी हैं लालू, नीतीश
लालू, नीतीश, अर्जुन मुंडा, करिया मुंडा, बाबूलाल मरांडी, स्टीफन मरांडी, उदय नारायण चौधरी, जीतन राम माँझी इत्यादि नाम बिहार और झारखंड में ही चर्चित नहीं हैं बल्कि नक्सली संगठनों में कुख्यात नक्सलियों ने भी इन्हें अपना उपनाम बना लिया है।

प्रतिबंधित नक्सली संगठन रिवोल्यूशनरी कम्युनिस्ट केन्द्र (आरसीसी) में संगठन के जोनल कमांडर एरिया कमांडर और कई सक्रिय कट्टर नक्सलियों के नाम बिहार झारखंड के चर्चित राजनीतिज्ञों के नाम पर हैं।

इस संगठन के प्रमुख का असली नाम विनोद कुमार महतो है पर संगठन में उसका उपनाम बाबूलाल मरांडी है। बताया जाता है कि विनोद कुमार महतो उर्फ बाबूलाल मरांडी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए योजना बनाते समय या उसे अंजाम देते वक्त अपने संगठन के कैडरों से इसी उपनामों से मुखातिब होते हैं। ये लोग मोबाइल या फोन पर बात करने के वक्त एक-दूसरे को उपनामों से ही पुकारते हैं।

आरसीसी के जोनल कमांडर राजेन्द्र का उपनाम अर्जुन मंडा है। कुख्यात नक्सली मौलवी साहब का उपनाम करिया मुंडा है। एक अन्य नक्सली डॉक्टर साहब का उपनाम नीतीश है। अन्य नक्सलियों में से प्रेमकुमार का उपनाम लालू, शिव चौधरी का शिबू सोरेन, गिरीश का उपनाम जीतन राम माँझी है।

इसी तरह आरसीसी के सब जोनल कमांडर सुभाष यादव का उपनाम नटवरसिंह, एरिया कमांडर अरुण का उपनाम स्टीफन मरांडी, छोटू चौधरी का उपनाम उदय नारायण चौधरी और जाहिद का उपनाम शाहनवाज है। आरसीसी के ये सदस्य संगठन में एक दूसरे को इसी उपनाम से पुकारते हैं और फोन तथा मोबाइल फोन पर भी इसी उपनाम से एक-दूसरे से वार्तालाप करते हैं।

आरसीसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद कुमार महतो उर्फ बाबूलाल मरांडी का अपने संगठन के सदस्यों के इन उपनाम के बारे में कहना है कि लालू, नीतीश, अर्जुन मुंडा, बाबूलाल मरांडी, स्टीफन मरांडी आदि राजनीतिज्ञों के नाम पर अपने संगठन के सक्रिय सदस्यों का उपनाम रखने के पीछे उनका एकमात्र उद्देश्य इन नताओं की ही तरह उनके संगठन के लोगों में भी जननेतृत्व की क्षमता पैदा करने के लिए मनोबल बढ़ाना है।

गया पुलिस ने वर्ष 2006 में गिरफ्तार किए गए आरसीसी के दो प्रमुख सदस्यों चंदन और सुभाष को गिरफ्तार किया था। दोनों ने पुलिस को पूछताछ में बताया था कि चर्चित राजनीतिज्ञों के नाम पर उनके संगठन के सदस्यों के उपनाम उनके द्वारा फोन या मोबाइल फोन से बात करने के दौरान पुलिस से अपनी पहचान छिपाने के लिए रखा गया है।

उल्लेखनीय है कि आरसीसी के इन गिरफ्तार सदस्यों के पास से बरामद एक डायरी से भी इस बात का खुलासा हुआ था।

गया पुलिस ने आरसीसी के इन गिरफ्तार सदस्यों से उनके पास से बरामद डायरी में राजनीतिज्ञों के नामों का जिक्र होने के बारे में जब पूछताछ की तब उन्होंने बताया कि ये उनके संगठन के ही सदस्यों के ही उपनाम हैं।

उल्लेखनीय है कि प्रतिबंधित संगठन एमसीसीआई से वर्ष 1996 में अलग होकर सब जोनल कमांडर सागर चटर्जी की पत्नी निर्मला चटर्जी ने रिवोल्यूशनरी कम्युनिस्ट सेंटर (आरसीसी) नामक एक अलग संगठन बनाया था, जो वर्तमान में झारखंड सहित बिहार के गया जिले में मुख्य रूप से सक्रिय है और बाबूलाल मरांडी वर्तमान में इसके राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।

गौरतलब है कि ये नक्सली संगठन इन राजनीतिज्ञों की विचारधारा और क्रियाकलाप का अकसर विरोध करते रहे हैं, लेकिन पुलिस को झाँसा देने और अपनी पहचान छिपाने के लिए उन्होंने अपने उपनाम इन राजनीतिज्ञों के नामों पर ही रखना बेहतर समझा।
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