यूँ तो शशिकला का विवाह किसी भी आम भारतीय लड़की की तरह ही होगा यानी वो हाथों में मेहँदी भी रचेगी और अपने पिया के संग फेरे भी लेगी, पर फर्क सिर्फ इतना है कि शशिकला की तमाम जिंदगी सात समंदर पार हॉलैंड में गुजरी है और वो भारतीय परंपरानुसार विवाह करने के लिए नागपुर आई है।
शशिकला की कहानी बॉलीवुड की किसी फिल्म से कम रोचक नहीं है। शशिकला जब एक वर्ष की थी, उसके अभिभावकों ने उसे सड़क पर छोड़ दिया। एक स्थानीय अनाथाश्रम में उसे शरण मिली जहाँ हॉलैंड के एरिक और अन्ना कीर्स ने उसे गोद लिया और बाद में उसे हॉलैंड ले गए।
यूँ तो 34 वर्षीय शशिकला कीर्स और 32 वर्षीय जोसेफ वोस मई 2007 में सेंट्रल हॉलेंड में चर्च में विवाह कर चुके हैं। पर शशिकला चाहती थी कि भारतीय परंपरानुसार उसका विवाह अपने घर में यानी भारत, खासकर नागपुर में हो। इसीलिए कल दोनों नागपुर आ चुके हैं और यहाँ श्यामला अबरोल के घर रुके हुए हैं, जिन्हें शशिकला अपनी माँ मानती है।
कीर्स दंपत्ति के शशिकला को गोद लेने से पूर्व श्रीमती अबरोल ही शशिकला को संभालती थीं। शशिकला ने जोसेफ से विवाह से पूर्व भी न सिर्फ श्रीमती अबरोल की अनुमति ली थी बल्कि जोसेफ को उनसे यहाँ लाकर मिलाया भी था।
भारतीय संस्कृति और मूल्यों के प्रति सम्मान का भाव रखने वाली शशिकला साल में एक बार यहाँ जरूर आती हैं जबकि जोसेफ भारत दूसरी बार ही आए हैं। उनके अनुसार हॉलैंड के ठंडे मौसम के विपरीत यहाँ का मौसम गर्म और खुशनुमा है।
दोनों साथ काम करते हैं और वहीं उनकी पहली मुलाकात हुई थी। जोसेफ जहाँ सॉफ्टवेयर इंजीनियर है, वहीं शशिकला उस फर्म में प्रशासनिक अधिकारी है।
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