पाकिस्तान की जेल में पिछले 17 वर्षों से अधिक से बंद सरबजीत की बहन दलबीर कौर ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ से अपने निर्दोष भाई को रिहा किए जाने की एक बार फिर माँग की है।
दलबीर कौर ने शुक्रवार को यहाँ टेलीफोन पर यूनीवार्ता से बातचीत में जासूसी के आरोप में पाकिस्तान की जेल से कश्मीर सिंह को रिहा किए जाने की खबर पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि एक ओर खुशी तो दूसरी ओर गम है।
उन्होंने कहा हमारे परिवार में सरबजीत ही एक मात्र सहारा है। उल्लेखनीय है कि लाहौर में एक बम विस्फोट के मामले में सरबजीत को फाँसी की सजा सुनाई गई है।
दलबीर कौर ने कहा कि पिछले वर्ष उसने और सरबजीत की बेटी स्वप्नदीप और पूनम ने कोट लखपत जेल में जो राखी और चिट्ठी भेजी थी, उन्हें भी जेल अधिकारी सरबजीत को नहीं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरबजीत को आँख में कोई बीमारी है जिसका भी उचित इलाज नहीं हो रहा है।
दलबीर कौर ने बताया कि सरबजीत की रिहाई को लेकर उन्होंने हाल में विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजा है और उनसे भेंट भी की है। इसके साथ ही सरबजीत के पहचान के असली दस्तावेज भी सौंपे गए हैं।
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के जिस बम विस्फोट घटना के लिए सरबजीत को दोषी ठहराया गया है उसके गवाहों ने भी उसकी पहचान नहीं की है। उन्होंने कहा कि एक गवाह शौकत जिसके पिता की हत्या हुई थी उसने भी सरबजीत को घटनास्थल पर नहीं देखने की बात कही थी।
उन्होंने पाकिस्तान के राष्ट्रपति से इंसानियत के नाते उसके रहम की अपील पर विचार कर सरबजीत को रिहा करने की माँग दोहराई।
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