टाइट जींस, टी शर्ट और मुंह में च्युंगम तथा आँखों पर फैशनेबल चश्मा, यह किसी कॉलेज जाने वाले नौजवान का हुलिया नहीं है बल्कि उन युवा पुलिस कर्मियों की वेशभूषा है जो लड़कियों के स्कूलों के सामने मस्ती करते नजर आएँगे।
यह पुलिसिया नौजवान वहाँ मस्ती नहीं करेंगे बल्कि चोरी-चोरी चुपके-चुपके उन मनचले लड़कों पर नजर रखेंगें जो लड़कियों के स्कूलों के सामने खड़े होकर फब्तियाँ कसते हैं तथा उनसे छेड़छाड़ करते हैं।
शहर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आनंद स्वरूप ने बताया कि शहर में छेड़छाड़ की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने इस पर रोक के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं।
इसके तहत युवा पुलिस कर्मियों को युवाओं की वेशभूषा जींस, टीशर्ट और स्पोर्ट्स शू में लड़कियों के स्कूलों के बाहर खड़े होंगे और वहाँ खड़े लड़के जैसे ही लड़कियों पर कोई कमेंट करेंगें या छेड़छाड़ करेंगे तो उन्हें तुरन्त दबोच लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त युवा महिला पुलिसकर्मियों को भी सिविल ड्रेस में स्कूटी और मोपेड पर गर्ल्स कॉलेजों के बाहर तैनात किया जा रहा है, ताकि यह लड़कियों के ग्रुप में शामिल हो जाएँ और छेडछाड़ करने वालों को आसानी से दबोच सकें और उन्हें जेल की सलाखों के पीछे पहुँचा सके।
एसएसपी स्वरूप ने बताया कि छेडछाड़ पर अंकुश लगाने के लिए अब ऐसे युवकों पर एनएसए और गैंगेस्टर के तहत कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जिन थाना क्षेत्रों में लड़कियों के स्कूल हैं वहाँ के पुलिस अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि अगर उनके क्षेत्र से छेडछाड़ की शिकायतें दर्ज हुई तो उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त स्कूलों के बाहर शिकायत पेटियाँ भी लगाई जाएँ जहाँ लड़कियाँ अपनी शिकायतें सीधे पुलिस को भेज सकती हैं। इस प्रक्रिया में उनका नाम पूर्णतया गुप्त रखा जाएगा।
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