मध्यप्रदेश में पन्ना जिले के मंडला गाँव के निकट प्रतिहारकालीन प्राचीन शिव मंदिर के अवशेष मिले हैं। इसके संरक्षण के लिए पुरातत्व विभाग ने सरकार को प्रस्ताव भेजा है।
पुराविदों के मुताबिक पन्ना जिले में प्रतिहारकालीन यह पहला मंदिर है जिसकी पहचान की गई है। यह प्राचीन शिव मंदिर खजुराहों के विश्व प्रसिद्ध चंदेलकालीन मंदिरों से भी अधिक पुराना है। मंदिर निर्माण विधा की दृष्टि से प्रतिहारकालीन यह शिव मंदिर आठवीं अथवा नवीं सदी का प्रतीत होता है।
उल्लेखनीय है कि पुरा संपदा की दृष्टि से पन्ना अत्यधिक समृद्ध जिला है। यहाँ प्रागैतिहासिक काल बौद्ध जैन काल, गुप्त काल, राजपूत काल, मध्य काल व आधुनिक काल के अनेकों पुरावशेष मौजूद हैं। यहाँ के बृहस्पति कुण्ड व बराह की गुफाओं में प्रागैतिहासिक काल के भित्ति चित्र पाए गए हैं।
मंडला ग्राम से पूर्व की ओर विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहों से 28 किमी दूर केन नदी के समीप स्थित इस प्राचीन प्रतिहारकालीन शिव मंदिर का पता चलने से पुरातत्व विभाग के अधिकारी उत्साहित हैं।
इस मंदिर का अवलोकन करने के बाद पुरातत्व विभाग पन्ना के वरिष्ठ मार्गदर्शक भवानी शंकर तिवारी ने बताया कि इस प्राचीन धरोहर का संरक्षण किया जाना जरूरी है। प्रतिहार कालीन शिव मंदिर में गर्भगृह के द्वार में सुंदर अंलकरण है। द्वार के सिर दल खण्ड के मध्य शिव योग मुद्रा में दोहरे पद्मदल पीठिका पर विराजमान हैं।
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