प्रतिष्ठित चिकित्सा विश्वविद्यालय में मंगलवार को यहाँ ट्रामा सेंटर में एक्सरे कराने आई एक बीमार बच्ची के साथ टेक्नीशियन ने दुराचार किया।
घटना के बाद टेक्नीशियन को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। इस घटना से चिकित्सा विश्वविद्यालय की बदहाली एक बार फिर उजागर हुई। भुक्तभोगी बारह वर्षीय बच्ची का विश्वविद्यालय के बाल रोग विभाग में इलाज चल रहा है। घटना मध्याह्न दो बजे की है।
सीतापुर के मनीलाल चौराहा निवासी जयप्रकाश अपनी बेटी को ट्रामा सेंटर में एक्सरे कराने के लिए लाए थे। जयप्रकाश ने बताया कि उनका नंबर आने पर चालीस वर्षीय एक्सरे टेक्नीशियन आरिफ ने बेटी को एक्सरे कक्ष में बुलाया और पिता को बाहर कर दरवाजा बंद कर लिया।
थोड़ी ही देर बाद बच्ची के जोर-जोर से चिल्लाने की आवाज आने लगी। बच्ची की आवाज सुनकर बाहर मौजूद जयप्रकाश और अन्य मरीजों के तीमारदार दरवाजा भड़भड़ाने लगे। काफी देर बाद दरवाजा खुला तो बच्ची अर्द्धमूर्छित अवस्था में मिली। उसकी ऊपर के कपड़े उतरे हुए थे। भय से थरथर काँप रही बच्ची की ऐसी हालत देखकर वहाँ मौजूद लोग टेक्नीशियन पर टूट पड़े।
जयप्रकाश अपनी बेटी की हालत देखकर खुद सदमे में चले गए। बाद में आरोपी एक्सरे टेक्नीशियन को पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर बच्ची को गहन चिकित्सीय जाँच के लिए भेज दिया है। इससे पहले बलरामपुर अस्पताल में भी दुराचार की वारदात हो चुकी है।
आरिफ पर दुराचार का मुकदमा : चिकित्सा विश्वविद्यालय में बच्ची से दुराचार के आरोपी आरिफ ने पूछताछ में बहाना गढ़ा कि बच्ची के कपड़े में बटन लगे हुए थे इसलिए उसने एक्सरे प्लेट लगाने के लिए ऊपरी वस्त्र उतरवा दिए थे। आरोपी पर दुराचार का मुकदमा कायम कर लिया गया है।
बच्ची के पिता जयप्रकाश ने बताया कि विश्वविद्यालय के बाल रोग विभाग के वार्ड संख्या चार के 36 नंबर बेड पर भर्ती उसकी बेटी का उपचार डॉ. वाईसी गोविल कर रहे हैं। चिकित्सकों ने सीने का एक्सरे कराने की सलाह दी थी, इसीलिए वह आज ट्रामा सेंटर में बेटी को एक्सरे के लिए लेकर आए थे। ट्रामा सेंटर प्रभारी डॉ. अब्बास अली मेहंदी ने बातया कि एक्सरे टेक्नीशियन यहाँ लीज पर एक्सरे मशीनें लगाने वाले आमा डायग्नोस्टिक कम्पनी का संविदा कर्मचारी है। वह यहाँ पाँच साल से तैनात है।
चौक कोतवाली के प्रभारी डीके राय ने बताया कि बच्ची की शुरुआती चिकित्सीय जाँच में अप्राकृतिक दुराचार जैसी बात सामने आ रही है। इसकी दोबारा गहन चिकित्सीय जाँच कराई जा रही है।
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