उत्तर भारतीयों के खिलाफ जारी अभियान के बाद से हजारों उत्तर भारतीय यहाँ से अपने घरों को लौट गए हैं।
सरकारी अनुमान के अनुसार पिछले पखवाड़े भर में 25 हजार से अधिक उत्तर भारतीय श्रमिक अपने घरों को लौटे हैं। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के कथित बाहरी लोगों के खिलाफ छेड़े अभियान के बाद यह स्थिति पैदा हुई।
इतनी बड़ी संख्या में श्रमिकों के चले जाने से निर्माण उद्योग संकट में हैं। उत्तर भारतीय लोगों में भय अभी पूरी तरह छँटा नहीं है और अनेक लोग उत्तर भारत जाने वाली बसों और ट्रेनों को पकड़ रहे हैं।
इन श्रमिकों में अधिकतर उत्तरप्रदेश तथा बिहार के हैं। श्रमिकों के लौटने का क्रम जारी रहने से प्रशासन भी चिंतित है। जिला संरक्षक मंत्री अजित पवार तथा कलेक्टर प्रभाकर देशमुख ने जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की और उन्हें आश्वस्त करने का प्रयास किया।
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