उत्तरप्रदेश राजकीय उड्डयन विभाग का राजकीय विमान वी.टी.यू.पी.जेड. शुक्रवार को इलाहाबाद राजकीय विमान अड्डे पर विमान पायलेट की अनुभवहीनता के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हालाँकि इस दुर्घटना में पायलट सकुशल बच गया।
राज्य के महाधिवक्ता ज्योतीन्द्र मिश्र को इलाहाबाद से लखनऊ वापस लाने के लिए यह राजकीय विमान गया था।
यह भी जानकारी मिली है कि इस राजकीय विमान को वायुसेना से राजकीय उड्डयन विभाग में प्रतिनियुक्ति पर आए पायलेट विंग कमांडर नागर उड़ा रहे थे। नागर को राजकीय विमान उडाने का अभी अधिक अनुभव नहीं है। उल्लेखनीय है कि इस संवाददाता ने प्रदेश के राजकीय विमानों में वीआईपी की सुरक्षा के खतरे से आगाह किया था। वीआईपी की सुरक्षा को आज भी खतरा बना हुआ है क्योंकि स्थाई राजकीय पायलेट न होने, अनुभवहीन और स्वास्थ्य की दृष्टि से अनुपयुक्त, एवं सेवा से अवकाश प्राप्त अनेक पायलेट राजकीय विमानों को उड़ा रहे हैं।
इस संवाददाता ने राजकीय उड्डयन निदेशालय में जिम्मेदार अधिकारियों से इस घटना के विषय में अधिकारिक जानकारी लेने की कोशिश की किन्तु विभाग का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी फोन पर उपलब्ध नहीं था।
राजकीय उड्डयन विभाग के अधिकारी इस घटना को छिपाने का पूरा-पूरा प्रयास कर रहे हैं। अधिकारीगण इसे मामूली तकनीकी खराबी का जामा पहनाने एवं दुर्घटना को दबाने के प्रयास में हैं।
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