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यमुना को सूखने से बचाएगी गंगा
आगरा में यमुना नदी को सूखने से बचाने के लिए यहाँ गंगा का पानी लाकर डाला जाएगा। कहने को यह भी गंगा-यमुना का संगम हो जाएगा। वैसे गंगा और यमुना का एकमात्र संगम उत्तरप्रदेश के इलाहाबाद में है। अब एक अभिनव योजना में उप्र सरकार ने 1100 करोड़ रुपए का एक पैकेज तैयार किया है।

योजना के मुताबिक यमुना में गंगा का पानी डाला जाएगा। इस योजना के लागू होने के बाद आगरा और आसपास के क्षेत्रों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। आगरा में यमुना से आवश्यकता से आधी ही जल आपूर्ति हो पाती है। यमुना नदी में पानी कम है और प्रदूषित भी है। जिसे सामान्यतः पीने के उपयोग में नहीं लाया जा सकता है।

इसके अलावा ट्यूबवेल और हैंडपंपों से भी उचित जलापूर्ति नहीं हो पा रही है, क्योंकि वहाँ का जलस्तर लगातार घट रहा है। मुलायम सरकार के दौरान भी यमुना नदी में रामगंगा नदी से तीन सौ क्यूसेक पानी लेने की योजना बनाई गई थी।

लेकिन तत्कालीन सरकार ने इस योजना को वहीं रोक दिया और उस पर ज्यादा काम नहीं किया। अब फिर से राज्य सरकार ने जो योजना बनाई है, उसके मुताबिक गंगा से प्रतिदिन 300 क्यूसेक पानी लेकर यमुना में छोड़ा जाएगा। इसके लिए विशेष कार्य योजना तैयारी करनी होगी ताकि गंगा का पानी यमुना तक आ सके।

इसके लिए सरकार ने पहले चरण के कार्य के लिए 1100 करोड़ रुपए देने का प्रस्ताव भी दे दिया है। प्रदेश सरकार ने सिंचाई विभाग को यमुना नदी के लिए पानी छोड़ने के लिए कहा है। इसी के साथ उत्तराखंड सरकार से गंगा में निरंतर पानी बनाए रखने का आग्रह किया है। (नईदु‍निया)
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