बसपा से किसी तरह के चुनावी तालमेल की संभावनाओं को खारिज करने बाद भाजपा ने उसकी नेता मायावती की बाबत कहा कि वह जो 'चमड़े का सिक्का' चला रही हैं वही कुछ दिन बाद चाबुक बन कर उन्हीं पर वार करेगा।
भाजपा को जूते की नोक पर रखने की मायावती की हाल की टिप्पणी से आहत भगवा दल ने कहा अंहकार और बड़बोलापन कभी नहीं फलता-फूलता।
'कमल संदेश' नाम से प्रकाशित होने वाले पार्टी मुखपत्र के हिन्दी और अंग्रेजी के ताजा अंकों के संपादकीय में लिखा है मायावती शायद भूल गई हैं कि चमड़े का सिक्का कुछ दिन तो चलता है पर बाद में वह चाबुक बनकर स्वयं को चोटिल करने लगता है।
मुखपत्र में कहा गया है मायावती की यह टिप्पणी अहंकार का अश्लील प्रदर्शन है कि गठबंधन के दौरान उन्होंने भाजपा को हमेशा जूते की नोंक पर रखा। उन्हें याद रखना चाहिए कि अंहकार और बड़बोलापन अधिक दिन तक नहीं फलता फूलता। इस बीच पार्टी अध्यक्ष राजनाथसिंह ने बसपा से फिर से गठबंधन की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर दो टूक जवाब दिया सवाल ही नहीं उठता।
संपादकीय में कहा गया है कि मायावती ने जीवित रहते ही स्वयं की प्रतिमा लगवाने अपने जन्मदिन को सरकारी जन्मदिन के रूप में मनाने लोकतंत्र में चोरी-चुपके से नहीं बल्कि डंके की चोट पर सामंती मनोवृत्ति का भोंडा प्रदर्शन कर शासन प्रशासन को चाटुकार बनाने का जो चलन चलाया है वह लोकतंत्र के बुनियादी ढाँचे को समाप्त करने की शुरूआत करने जा रहा है।
भाजपा ने मायावती पर प्रहार जारी रखा। अहंकार अधिक दिन नहीं चलता। एक न एक दिन उसका मुँह के बल गिरना तय है। जो लोग मीन देखकर नहीं चलते वे एक दिन ठोकर खाकर धरती की धूल जरूर चाटते हैं। संपादकीय में कहा गया है जनता अहंकारियों को कभी बर्दाश्त नहीं करती।
इसमें कहा गया है शक्तिशाली से शक्तिशाली शासक तानाशाह और निरंकुश एक न एक दिन गिरते हैं। उन्हें (मायावती को) यह बात ध्यान रखनी चाहिए। यह ध्यान रखना उनके ही हित में जरूरी है।
प्रधानमंत्री बनने के मायावती के इरादे के बारे में पूछे जाने पर पार्टी प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने व्यंग्य किया यह उनका सपना है। मायावती के शासन पर प्रहार करते हुए पार्टी ने उसे 'राजनीतिक आतंकवाद' का नाम दिया। संपादकीय में कहा गया है वैश्विक आतंकवाद का गढ़ बन रहा उत्तर प्रदेश पूरी तरह से बसपा के माध्यम से राजनीतिक आतंकवाद से भी जकड़ रहा है।
बसपा नेता के बड़े पैमाने पर मनाए गए जन्मदिवस पर भी भाजपा ने प्रहार करते हुए कहा है जन धन का और सरकारी धन का जिस तरीके से दुरुपयोग किया गया है वह निंदनीय नहीं बल्कि यह सामाजिक और राजनीतिक अपराध की श्रेणी में आता है।
इसमें कहा गया है जब बसपा सुप्रीमो ही सामाजिक और राजनीतिक अपराध करते हुए करोड़ों रुपए का जश्न मनाएँगी तो भला उनके दल में निचले स्तर पर कार्य करने वाले लोग उनके मार्ग पर क्यों नहीं चलेंगे।
इसमें कहा गया जन्मदिन जश्न का ऐसा तांडव लोकतंत्र में जिस 'धन इकट्ठा करो संस्कृति' को जन्म दे रहा है वह पंचायत स्तर पर निश्चित ही अपराध को जन्म देगा। यथा राजा तथा प्रजा।
|