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बिना सूई का इंजेक्शन!
दवा बनाने वाली एक कंपनी ने सूईरहित इंजेक्शन से दवा देने की नवीन प्रणाली पर आधारित एक ग्लाइड सालिड डोज इंजेक्टर विकसित करने का दावा किया है जो ठोस खुराक के रूप में दवा को त्वचा में पहुँचा देता है।

चिकित्सा उपभोक्ता अनुसंधान पुरस्कार में गत वर्ष सबसे अच्छा व्यापार का पुरस्कार पाने वाली दक्षिण इग्लैंड के ऑक्सफोर्ड शायर में मिल्टन पार्क स्थित ग्लाइड फार्मा ने सूईरहित दवा देने की नवीन प्रणाली पर आधारित एक ग्लाइड सालिड डोज इंजेक्टर विकसित करने का दावा किया है जो ठोस खुराक के रूप में दवा को त्वचा में पहुँचा देता है।

ग्लाइड सालिड डोज इंजेक्टर (एसडीआई) का प्रयोग बहुत ही आसान है जिससे यह उन दवाओं को लेने में आदर्श है जो स्वयं लेनी पड़ती है। परीक्षणों के दौरान डॉक्टरों और रोगियों दोनों ने ही सूई और सिरींज के बजाय एसडीआई से दवाई लेना बेहतर समझा।

जहाँ तक इसको इस्तेमाल करने का प्रश्न है, इसमें हर बार इलाज के लिए एक नया ड्रग कैसेट लिया जाता है। ग्लाइड को त्वचा से सटाकर रखना होता है और एक निश्चित समय के भीतर दवा धीरे-धीरे त्चचा के अंदर जाकर घुल जाती है। ग्लाइड को धीमे से त्वचा पर दबाया जाता है और स्पिंग एक्शन के कारण दवा त्वचा में घुस जाती है। एक बार प्रयोग के बाद ड्रग कैसेट को फेंक दिया जाता है जबकि ग्लाइड को बार-बार इस्तेमाल किया जा सकता है।

ब्रिटिश समीक्षा के ताजा अंक में प्रकाशित एक अनुसंधान लेख के अनुसार ग्लाइड प्रौद्योगिकी के आविष्कारक तथा ग्लाइड फार्मा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. चार्ल्स पॉटर ने पुरस्कार लेने के बाद प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी फार्मा की नवीन सूईरहित दवा देने की प्रौद्योगिकी को पहचान मिल रही है। यह पुरस्कार ब्रिटिश स्वास्थ्य क्षेत्र में ऑस्कर पुरस्कार माना जाता है।
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