लंदन में दया मृत्यु के तहत जहर का इंजेक्शन देकर मारी गई मंदिर की गाय 'गंगोत्री' की राख को हरिद्वार में पुजारियों के एक वर्ग के विरोध के बीच गंगा में प्रवाहित कर दिया गया।
गंगा सभा के अध्यक्ष रामकुमार मिश्र ने बताया कि गंगोत्री की राख को हर की पौड़ी के समीप विसर्जित किया गया। पिछले सप्ताह कुछ राख को वाराणसी में गंगा के आसपास बिखेरा गया था।
लंदन के अल्देन्हम में गंगोत्री को रॉयल सोसायटी फॉर द प्रीवेन्शन ऑफ क्रूएलिटी टू एनीमल्स (आरएसपीसीए) के पशु चिकित्सकों ने दया मृत्यु के तहत जहर का इंजेक्शन दे दिया था। यह गाय लंदन में एक साँड़ से लड़ते हुए घायल हो गई थी।
लंदन के हिंदू संगठनों ने गाय को जहर का इंजेक्शन दिए जाने का तीव्र विरोध किया था। घायल गाय की देखरेख करने वाले इस्कॉन के पुजारियों ने गंगोत्री का मृत शरीर अग्नि के सुपुर्द कर दिया था।
मिश्रा ने बताया कि कल कुछ पुजारियों के हस्तक्षेप के बाद गंगोत्री की राख के गंगा में विसर्जन की अनुमति दी गई।
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