क्षेत्रफल के लिहाज से उत्तराखंड राज्य इस समय सर्वाधिक मोरों वाला प्रदेश बन गया है। राज्य में इस समय 178 मोर यहाँ के वनों की शान बन चुके हैं। यह ताजा आँकड़ा भारतीय वन्य जीव संस्थान व नेशनल टाइगर कन्सर्वेशन अथॉरिटी ने जारी किया है।
भारतीय वन्य जीव संस्थान देहरादून तथा नेशनल टाइगर कन्सर्वेशन अथॉरिटी द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार राज्य के कुल 24536 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में से 1428 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले कार्बेट टाइगर रिजर्व क्षेत्र में 164 मोर वर्तमान में विचरण कर रहे हैं।
इस गणना में लगे डॉ. वाईवी झाला के अनुसार यह संख्या 161 से लेकर 195 तक भी हो सकती है, क्योंकि वनों में मोरों की गणना एक-एक कर नहीं हो सकती है।
झाला का कहना है कि यह सुखद है कि राज्य में मोरों की संख्या बढ़ रही है। इस रिपोर्ट के अनुसार लगभग 1428 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में कार्बेट टाइगर रिजर्व क्षेत्र जिसमें लैंसडाउन काशीपुर हलद्वानी के पश्चिमी भाग नैनीताल का उत्तरी भाग व रानीखेत के निचले भाग में मोरों की गणना की गई है।
राजधानी देहरादून से लगे राजाजी नेशनल पार्क क्षेत्र में मोरों की संख्या में कमी दु:खद बताई गई है। 390 वर्ग किलोमीटर में फैले राजाजी पार्क क्षेत्र में जहाँ पूर्व में 28 से 30 मोर इस प्राणी उद्यान की शोभा बढ़ा रहे थे, वहीं यह संख्या इस बार घटकर मात्र 14 रह गई है, जबकि इस संख्या में 11 से 18 मोर घट बढ़ सकते हैं, लेकिन यह संख्या भी चिंताजनक है क्योंकि यह आँकड़े साफतौर पर यह प्रदर्शित कर रहे हैं कि इस क्षेत्र में मोरों का काफी शिकार हो रहा है।
|