शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेवा (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे की गिरफ्तारी और रिहाई के दौरान हुई हिंसा में नासिक में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के कर्मचारी अंबादास हरिराव धारराव की मौत की घटना को लेकर मनसे अध्यक्ष की कड़ी आलोचना की है।
पार्टी के मुखपत्र मराठी दैनिक 'सामना' में शुक्रवार को प्रकाशित संपादकीय में कहा गया है कि हिंदीभाषियों के खिलाफ आंदोलन छेड़ने वाले राज ठाकरे ने आखिरकार एक मराठी व्यक्ति को मारकर ही महाराष्ट्र का नवनिर्माण किया।
संपादकीय में एक बार फिर शिवसेना को मराठीभाषियों का सच्चा हितैषी करार दिया गया है और कहा गया है कि आंदोलन शिवसेना ने भी किए हैं पर इस तरह की गुंडागर्दी आंदोलन नहीं है और शिवसेना के किसी आंदोलन में किसी निर्दोष मराठीभाषी की जान नहीं गई।
संपादकीय में कहा गया है कि शिवसेना ने सीमा विवाद के आंदोलन में 69 शिवसैनिकों को खोया और संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन में 105 लोगों की जान गई, लेकिन ये आंदोलन गुंडागर्दी नहीं थे।
संपादकीय में जोर देकर कहा गया है कि आंदोलनों से आम आदमी को तकलीफ नहीं होनी चाहिए और यदि ऐसा होता है तो पुलिस को मूकदर्शक नहीं बने रहना चाहिए।
संपादकीय में राज ठाकरे की इस बात को लेकर भी आलोचना की गई है कि पहले राज ने कहा था कि वह जमानत नहीं लेंगे लेकिन बाद में न्यायिक हिरासत का अदालती आदेश सुनते ही उन्होंने जमानत की अर्जी दे दी।
संपादकीय में महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ कांग्रेस-राकांपा सरकार एवं मीडिया की भी आलोचना की गई है। समाजवादी पार्टी नेता अमरसिंह को अपनी राजनीति उत्तरप्रदेश तक ही सीमित रखने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा है कि ऐसा कर वे मुंबई के हिंदीभाषियों का भला ही करेंगे। हालाँकि संपादकीय में नासिक में ही हिंसा में मारे गए जिंदल पॉलीफिल्म के कर्मचारी विनोदसिंह की मौत पर कुछ नहीं कहा गया है।
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