भारी विरोध के बीच विवादास्पद फिल्म जोधा-अकबर आज भारत सहित 26 देशों के पन्द्रह सौ सिनेमाघरों में एक साथ रिलीज हुई। राजस्थान मे करणी सेना के विरोध के कारण इस फिल्म का प्रदर्शन नहीं हो रहा है, जबकि उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने सिनेमाघर के सामने विरोध प्रदर्शन किया।
ऑस्कर के लिए नामित 'लगान' और समीक्षकों से प्रशंसा पा चुकी 'स्वदेश' जैसी प्रसिद्ध फिल्मों का निर्देशन कर चुके आशुतोष गोवारीकर ने जोधा-अकबर का निर्देशन किया है।
यूटीवी मोशन पिक्चर्स और आशुतोष गोवारीकर प्रोडक्शन द्वारा संयुक्त रूप से बनाई गई यह फिल्म अमेरिका, यूरोप और एशिया के 26 देशों में रिलीज की गई है। यूटीवी सूत्रों के अनुसार अनुमति मिलते ही फिल्म को पाकिस्तान में भी प्रदर्शित किया जाएगा।
फिल्म के व्यापक स्तर पर प्रदर्शन के मद्देनजर यह भारतीय फिल्म उद्योग की अब तक की सबसे बड़ी रिलीज बन गई है। इसे तेलुगू और तमिल में डब किया गया है, जबकि अँगरेजी, अरबी और डच भाषाओं में फिल्म के उपशीर्षक भी होंगे। मुगल सम्राट अकबर द्वारा लड़ी गई लड़ाइयों और पत्नी का दिल जीतने की उनकी यात्रा को फिल्म में दिखाया गया है।
राजस्थान में प्रदर्शित नहीं हुई फिल्म : राजपूत करणी सेना की चेतावनी के कारण राजस्थान में शुक्रवार को फिल्म जोधा-अकबर रिलीज नहीं हो सकी। राजपूत करणी सेना ने फिल्म जोधा-अकबर में ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने के लिए आशुतोष गोवारीकर से माफी माँगने की माँग की है।
करणी सेना के संयोजक लोकेन्द्रसिंह कालवी ने दो टूक शब्दों में कहा कि आशुतोष गोवारीकर अपनी विवादास्पद फिल्म जोधा-अकबर के बारे में इतिहासकारों, सामाजिक संगठनों एवं मीडिया को बता दें। यदि यह वर्ग जोधा-अकबर को प्रदर्शित करने की राय देता है, तो मुझे आपत्ति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यदि इतिहासकारों, सामाजिक संगठनों एवं मीडिया ने फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने पर मोहर लगाई तो यह फिल्म किसी भी सूरत में राजस्थान में नहीं चलने दी जाएगी, चाहे गोवारीकर विवादास्पद दृश्यों को हटा ही क्यों न दें।
कालवी ने कहा कि फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने के विवाद के कारण सिनेमाघर मालिकों ने इस फिल्म को अपने छबिगृह में प्रदर्शित नहीं करने का फैसला किया, यह बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि जहाँगीरनामा अकबरनामा कर्नल टाड तथा एनसीआरटी की 11वीं कक्षा की पुस्तक मध्यकालीन भारत समेत अन्य ऐतिहासिक दस्तावेजों में यह कहीं उल्लेख नहीं है कि अकबर की पत्नी जोधाबाई थीं। पुलिस ने भी एहतियात के तौर पर जयपुर, अजमेर, जोधपुर, उदयपुर के सिनेमाघरों के निकट अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर रखा था।
जोधा-अकबर फिल्म के वितरक के अनुसार फिल्म राजस्थान के किसी भी सिनेमाघर में आज प्रदर्शित नहीं हुई। फिल्म वितरण से जुड़े सूत्रों के अनुसार प्रदेश के बत्तीस सिनेमाघरों में फिल्म आज चलने वाली थी, लेकिन फिल्म की कहानी के विवाद के चलते सभी ने फिल्म नहीं चलाने का निर्णय किया। इधर पुलिस सूत्रों ने कहा कि राजस्थान में आज किसी भी स्थान पर फिल्म जोधा-अकबर प्रदर्शित होने की सूचना नहीं है।
इंदौर में विरोध : कड़े सुरक्षा बंदोबस्त के बीच फिल्म जोधा-अकबर का प्रदर्शन शुक्रवार से दो मल्टी प्लैक्स के साथ ही सात सिनेमाघरों में छिटपुट विरोध के बीच शुरू हुआ। हालाँकि सभी प्रमुख फिल्में प्राथमिकता से दिखाने वाले दो मल्टी प्लैक्स में फिल्म का प्रदर्शन नहीं होने से लोग हैरत में रहे।
फिल्म प्रदर्शित कर रहे मधुमिलन सिनेमाघर के पास क्षत्रिय महासभा ने विरोध प्रदर्शन किया और पोस्टर जलाए। दो और सिनेमाघरों में विरोध करने वाले लोग पहुँचे, लेकिन यह शांतिपूर्ण रहा। सात सिनेमाघरों में इसका प्रदर्शन शुरू हुआ।
धार से प्राप्त समाचार के अनुसार मोहन टॉकिज में राजपूत समाज के प्रतिनिधियों ने फिल्म का प्रदर्शन नहीं होने दिया। इस दौरान टॉकिज के बाहर लगे पोस्टर फाड़ दिए गए।
लखनऊ में गिरफ्तारियाँ : राजधानी के नावेल्टी सिनेमा हॉल में फिल्म का प्रीमियर शो था, लेकिन क्षत्रिय समाज के कुछ लोगों ने इसका पुरजोर विरोध किया और इसकी पटकथा के विरोधस्वरूप अपनी गिरफ्तारियाँ दीं।
समाज के लोगों का कहना है कि गोवारीकर ने इस फिल्म की पात्र जोधा के इतिहास के साथ काफी छेड़छाड़ की है। केसरबाग थाने की पुलिस की व्यवस्था जबरदस्त थी, जिसके चलते शो में कोई व्यवधान नही हुआ, किन्तु चौराहे पर हुए हंगामे के कारण शो हाउसफुल नहीं जा सका। उधर फन रिपब्लिक मॉल में फिल्म का शो शांतिपूर्ण रहा।
विरोध दुर्भाग्यपूर्ण : फिल्म के निर्माता और निर्देशक आशुतोष गोवारीकर ने रिलीज हुई इस फिल्म को लेकर देश के कुछ स्थानों पर हो रहे विरोध को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि फिल्म से किसी समुदाय की भावना को ठेस पहुँचाने का उनका कोई इरादा नहीं है।
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