तेजी से खत्म हो रहे वनों और पर्यावरण में असंतुलन से चिंतित उड़ीसा के केन्द्रपाड़ा के पारादीप में लोगों ने पीपल और बरगद के वृक्ष की शादी रचाई, जिसमें दो हजार से अधिक बरातियों ने शिरकत की।
पारादीप में वृंदावन कॉलोनी के लोगों ने सोमवार को श्रीपंचमी के शुभ पर्व पर पीपल और बरगद का पारंपरिक विधि से तथा नाच-गाने एवं बैंडबाजों के साथ धूमधाम से विवाह रचाकर पेड़ों को बचाने का व्रत लिया।
शहर के अभयमंत्री नामक दंपति ने पीपल के वृक्ष को गोद लेकर वरपक्ष की भूमिका निभाई, जबकि प्रभाकर नाम के एक अन्य दंपति ने दुल्हन बरगद वृक्ष के माता-पिता की रस्म निभाई।
शादी में आने वाले अतिथियों ने वृक्षों की घटती संख्या से बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जताई और उनके संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
विवाह के दौरान पंडितों के एक लय में श्लोकों के उच्चारण और हवन की सुंगध से पूरा वातावरण अध्यात्मय हो गया और दिशाएँ मानो शंखनाद कर रही हों कि 'आओ सब मिलकर पेड़ों को बचाएँ, क्योंकि पेड़ों का संरक्षण ही जीवन का आधार है'।
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